चांदी की कीमतों में उछाल से बदली रणनीति: दुनिया की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी अब अपनाएगी नया मेटल फॉर्मूला
- byrajasthandesk
- 08 Feb, 2026
चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी ने दुनिया की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। डेनमार्क की मशहूर ज्वेलरी ब्रांड Pandora, जो अपने सिल्वर चार्म ब्रैसलेट्स के लिए जानी जाती है, अब अपने उत्पादों में चांदी का इस्तेमाल कम करने जा रही है। बढ़ती लागत और मुनाफे पर दबाव को देखते हुए कंपनी अब प्लैटिनम-प्लेटेड ज्वेलरी पर जोर दे रही है, जिसमें अंदरूनी ढांचा किसी अन्य मजबूत धातु का होगा।
पिछले एक साल में चांदी के दाम दोगुने से भी ज्यादा बढ़ चुके हैं। इस तेज उछाल ने ज्वेलरी इंडस्ट्री की लागत संरचना को बुरी तरह प्रभावित किया है। वहीं सोने की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे कंपनियों के पास लागत संतुलन के सीमित विकल्प रह गए हैं। ऐसे में Pandora ने तकनीक और मटेरियल इनोवेशन के जरिए समाधान निकालने का फैसला किया है।
Pandora क्यों कम कर रही है चांदी पर निर्भरता
Pandora की सीईओ बर्टा डी पाब्लोस-बार्बियर के मुताबिक, कंपनी चांदी को पूरी तरह छोड़ नहीं रही है, लेकिन इसकी हिस्सेदारी को करीब 20 प्रतिशत तक घटाने की योजना है। फिलहाल कंपनी का लगभग 60 प्रतिशत बिजनेस चांदी पर आधारित है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर लागत और मुनाफे पर पड़ता है।
चांदी की अस्थिर कीमतों के चलते अब यह कदम Pandora के लिए रणनीतिक जरूरत बन गया है।
प्लैटिनम प्लेटिंग: महंगा दिखे, लेकिन खर्च रहे काबू में
हालांकि प्लैटिनम चांदी से करीब 28 गुना महंगा होता है, लेकिन Pandora ठोस प्लैटिनम ज्वेलरी नहीं बनाएगी। कंपनी एलॉय बेस (जैसे कॉपर या स्टील) पर प्लैटिनम की बेहद पतली परत चढ़ाएगी। इससे ज्वेलरी को प्लैटिनम जैसा लुक मिलेगा, जबकि वास्तविक लागत काफी कम रहेगी।
कंपनी का दावा है कि इस बदलाव से ग्राहकों के लिए कीमतें न तो बढ़ेंगी और न घटेंगी। यानी ग्राहक को प्रीमियम फिनिश मिलेगी, लेकिन कीमत सिल्वर ज्वेलरी जैसी ही रहेगी।
चांदी की जगह प्लैटिनम क्यों बेहतर विकल्प बना
चांदी के दाम जहां तेजी से ऊपर-नीचे हो रहे हैं, वहीं प्लैटिनम की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रही हैं। इसके अलावा, प्लैटिनम को गोल्ड के बाद सबसे प्रीमियम व्हाइट मेटल माना जाता है। यही वजह है कि प्लैटिनम-प्लेटेड ज्वेलरी ग्राहकों को ज्यादा कीमती और अपमार्केट महसूस होती है।
ज्वेलरी विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ताओं का रुझान व्हाइट मेटल्स की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में Pandora का यह फैसला स्मार्ट मार्केटिंग रणनीति साबित हो सकता है।
ग्राहकों और ब्रांड इमेज पर असर
Pandora की रिसर्च बताती है कि उपभोक्ताओं के बीच प्लैटिनम को लेकर खास सम्मान है। कंपनी को भरोसा है कि यह बदलाव उसकी ब्रांड वैल्यू को और मजबूत करेगा। ग्राहक कीमत में बदलाव महसूस नहीं करेंगे, लेकिन डिजाइन और फिनिश में प्रीमियम टच जरूर देखेंगे।
कब और कहां लॉन्च होगी नई ज्वेलरी
Pandora सबसे पहले उत्तरी यूरोप के 30 स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने बेस्ट-सेलिंग ब्रैसलेट्स के प्लैटिनम-प्लेटेड वर्जन लॉन्च करेगी। इसके बाद 2026 की दूसरी छमाही में इसे ग्लोबल स्तर पर उतारा जाएगा। शुरुआत में थर्ड-पार्टी वेंडर्स प्लेटिंग का काम संभालेंगे, जिसे बाद में थाईलैंड और वियतनाम स्थित कंपनी के प्लांट्स में शिफ्ट किया जाएगा। 2028 तक इस बदलाव को पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह कदम दिखाता है कि कैसे वैश्विक ब्रांड बदलते बाजार हालात में लागत, इनोवेशन और ग्राहक भरोसे के बीच संतुलन बना रहे हैं।





