Screen Sharing Scam: भूलकर भी न करें ये गलती! एक छोटी सी ऐप चुटकियों में खाली कर सकती है आपका बैंक खाता

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Screen Sharing Scam (स्क्रीन शेयरिंग स्कैम) आज के समय में साइबर ठगी का एक बहुत ही खतरनाक और तेजी से फैलता हुआ तरीका है। इसमें ठग आपको किसी न किसी बहाने (जैसे बैंक केवाईसी, रिफंड, जॉब ऑफर या लोन दिलाने का झांसा देकर) अपना फोन या लैपटॉप की स्क्रीन शेयर करने के लिए मजबूर करते हैं और फिर आपके बैंक खाते खाली कर देते हैं।

आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बचा जा सकता है:

स्क्रीन शेयरिंग स्कैम कैसे होता है? 
फर्जी ऐप डाउनलोड करवाना: ठग आपको AnyDesk, TeamViewer QuickSupport, ScreenShare या Zoom जैसी कोई ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं।

कोड या परमिशन लेना: ऐप इंस्टॉल होने के बाद वे आपसे एक 9-डिजिट का कोड या शेयरिंग आईडी मांगते हैं। जैसे ही आप कोड शेयर करते हैं, आपके फोन या कंप्यूटर की लाइव स्क्रीन उन ठगों के पास चली जाती है।

पर्दे के पीछे बैंक खाली करना: अब आपका फोन उनके हाथ में होता है। वे आपकी आँखों के सामने या आपके द्वारा ऐप खोलने पर UPI पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड और SMS में आने वाले OTP आसानी से देख लेते हैं। इसके बाद वे पलक झपकते ही आपके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।

इस स्कैम से बचने के जरूरी उपाय 
अंजाने लोगों के साथ स्क्रीन कभी शेयर न करें:
याद रखें कि बैंक, इनकम टैक्स विभाग, टेलीकॉम कंपनियां (Jio/Airtel) या कोई भी सरकारी अधिकारी कभी भी फोन पर स्क्रीन शेयर करने या AnyDesk जैसी ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता।

फर्जी कस्टमर केयर से सावधान रहें:
गूगल पर अक्सर साइबर ठग फर्जी कस्टमर केयर नंबर (Bank, Airlines, Electricity Board आदि के नाम पर) डाल देते हैं। मदद के लिए हमेशा ऐप्स या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के वेरिफाइड नंबर का ही इस्तेमाल करें।

संदिग्ध ऐप्स से दूर रहें:
अपने फोन में ऐसी कोई भी थर्ड-पार्टी रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें जिसे आप नहीं जानते। यदि कोई ऐप काम की न हो, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें।

एटीएम पिन और ओटीपी किसी को न बताएं:
स्क्रीन शेयरिंग चालू होने पर अपने फोन में कभी भी यूपीआई पिन (UPI PIN), पासवर्ड या बैंकिंग ऐप न खोलें।

यदि स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें?  
तुरंत इंटरनेट काट दें: अगर आपको शक हो कि आपकी स्क्रीन शेयर हो गई है, तो तुरंत अपने फोन का Wi-Fi और मोबाइल डेटा बंद (Flight Mode) कर दें।

बैंक को सूचित करें: तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके अपने खाते और डेबिट/क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करवाएं।

साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें: तुरंत भारत सरकार के नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।