बाजार में उतार-चढ़ाव के समय SIP या लंप सम: आपके लिए कौन-सी निवेश रणनीति बेहतर?
- byrajasthandesk
- 23 Feb, 2026
शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव निवेशकों की धैर्य क्षमता की कड़ी परीक्षा लेता है। कभी पोर्टफोलियो मजबूत दिखता है तो कभी अनिश्चित। ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल होता है — एकमुश्त निवेश करें या हर महीने थोड़ा-थोड़ा?
म्यूचुअल फंड निवेश में SIP और लंप सम दोनों ही लोकप्रिय तरीके हैं। बाजार की अस्थिरता के दौरान दोनों की अपनी-अपनी उपयोगिता है। सही निर्णय लेने के लिए इनके काम करने का तरीका समझना जरूरी है।
SIP क्या है: अनुशासित निवेश की ताकत
Systematic Investment Plan (SIP) के जरिए आप म्यूचुअल फंड में नियमित अंतराल (आमतौर पर मासिक) पर निश्चित राशि निवेश करते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा रुपया लागत औसत (rupee cost averaging) है।
यह कैसे काम करता है
- बाजार गिरने पर आपकी राशि से अधिक यूनिट्स मिलती हैं
- बाजार बढ़ने पर कम यूनिट्स मिलती हैं
- समय के साथ औसत लागत संतुलित हो जाती है
उदाहरण
मान लीजिए आप साल में ₹1.2 लाख निवेश करना चाहते हैं। यदि आप हर महीने ₹10,000 का SIP शुरू करते हैं, तो गिरावट के दौरान ज्यादा यूनिट्स खरीद पाएंगे और रिकवरी के समय बेहतर औसत लागत का लाभ मिलेगा।
SIP किनके लिए बेहतर
- वेतनभोगी लोग
- नए निवेशक
- लंबी अवधि के निवेशक
- जो बाजार टाइमिंग से बचना चाहते हैं
SIP निवेश को नियमित और तनाव-मुक्त बनाता है।
लंप सम निवेश: गिरावट में बड़ा मौका
लंप सम का मतलब है एक बार में बड़ी राशि निवेश करना। यदि सही समय पर किया जाए तो यह रणनीति तेज रिटर्न दे सकती है।
कब फायदेमंद
अगर बाजार 15–20% गिर चुका हो और रिकवरी के संकेत मिल रहे हों, तो लंप सम निवेश पूरा फायदा उठा सकता है।
उदाहरण के लिए, ₹1 लाख गिरावट के बाद निवेश किया जाए और बाजार 20% बढ़े, तो निवेश लगभग ₹1.2 लाख हो सकता है।
किन निवेशकों के लिए सही
- जिनके पास अतिरिक्त धन हो
- बोनस या बड़ी राशि प्राप्त करने वाले
- अनुभवी निवेशक
- उच्च जोखिम लेने वाले
लेकिन जोखिम भी ज्यादा रहता है।
विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं
अधिकांश वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि अनिश्चित बाजार में SIP अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प है। यह भावनात्मक फैसलों को कम करता है।
हालांकि, बड़ी गिरावट के बाद लंप सम निवेश आकर्षक हो सकता है — यदि रिकवरी के संकेत स्पष्ट हों।
संतुलित तरीका
कई अनुभवी निवेशक मिश्रित रणनीति अपनाते हैं:
- कुछ राशि तुरंत निवेश
- बाकी SIP के जरिए धीरे-धीरे
इसे Systematic Transfer Plan (STP) के रूप में भी अपनाया जाता है।
आपके लिए क्या सही?
निर्णय इन बातों पर निर्भर करता है:
- वित्तीय लक्ष्य
- निवेश अवधि
- जोखिम सहन क्षमता
- नकदी उपलब्धता
SIP चुनें यदि:
- नियमित और स्थिर निवेश चाहते हैं
- बाजार टाइमिंग से बचना चाहते हैं
- मासिक आय है
- लंबी अवधि का लक्ष्य है
लंप सम चुनें यदि:
- बड़ी राशि उपलब्ध है
- बाजार सस्ता लग रहा है
- जोखिम सहन कर सकते हैं
अस्थिर बाजार में निरंतर निवेश और धैर्य सबसे महत्वपूर्ण हैं। SIP स्थिरता देता है, जबकि सही समय पर किया गया लंप सम बेहतर रिटर्न दे सकता है।
सबसे अच्छी रणनीति वही है जो आपके वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता से मेल खाती हो। निवेश में निरंतरता बनाए रखें और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।



