Sita Navami 2026: सीता नवमी के दिन करें आप भी ये कुछ खास उपाय, दूर होगी शादी विवाह से जुड़ी अड़चन
- byShiv
- 25 Apr, 2026
इंटरनेट डेस्क। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी या जानकी नवमी के रूप में जाना जाता है। राजस्थान सहित कई राज्यों में आज के दिन अबूझ मुहूर्त मानते हुए खूब शादिया होती है। इस दिन को वैसे बड़े ही भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता सीता का प्राकट्य धरती से हुआ था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सीता नवमी का दिन उन जातकों के लिए वरदान के समान है, जिनके विवाह में देरी हो रही है। ऐसे में आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।
सीता नवमी और मां गौरी का संबंध
माता सीता ने खुद भगवान राम को पति के रूप में पाने के लिए देवी गौरी की कठिन आराधना की थी। उन्होंने गिरिजा पूजन कर माता गौरी से सुयोग्य वर का आशीर्वाद मांगा था। यही वजह है कि सीता नवमी के दिन अगर कुंवारी कन्याएं माता गौरी की पूजा करती हैं, तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
करें ये खास उपाय
गौरी-सीता पूजन
सीता नवमी के दिन माता सीता और भगवान राम के साथ मां गौरी की प्रतिमा स्थापित करें। माता सीता को पीली चुनरी और मां गौरी को लाल चुनरी अर्पित करें। इससे कुंडली के दोष शांत होते हैं।
शृंगार सामग्री का दान
इस दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग की सामग्री दान करने से विवाह के योग जल्दी बनते हैं।
मनोकामना पूर्ति मंत्र
पूजा के दौरान तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के उस प्रसंग का पाठ करें, जिसमें सीता जी गौरी पूजन करती हैं।
प्रसंग
मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सांवरो। इस चौपाई के जप से विवाह की अड़चनें स्वतः समाप्त होने लगती हैं।
pc- samacharnama.com





