UP: 11 साल के दिव्यांश की गुरूकुल में बर्बर हत्या, भूखा-प्यासा रखा, डंडे से मारा, 42 जगहों पर सिगरेट से दागा, आखिरी में ताल मारकर...

इंटरनेट डेस्क। यूपी में लखनऊ के आलमनगर स्थित गुरुकुल में महाराजपुर के गौरिया गांव निवासी 11 साल के छात्र दिव्यांश द्विवेदी की बर्बर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद हर कोई आहत है। आरोपित गुरूकुल संचालक कन्हैया उर्फ सौरभ ने पुलिस के सामने अपना गुनाह भी कबूल लिया है। उसने बताया कि दिव्यांश गुरुकुल में आने के बाद बहुत ज्यादा शैतानी करता था। वह कहना नहीं मानता था और गुरुकुल में रुकने को भी तैयार नहीं था।

क्या कहा आरोपी ने
मीडिया रिपोटर्स की माने तो आरोपित ने बताया कि इससे गुरुकुल का माहौल बिगड़ रहा था। इसके चलते गुस्से में उसे पहले बुरी तरह पीटा फिर जोर से लात मारी। इससे वह दीवार में जाकर भिड़ गया और सिर व नाक फट गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। अगले दिन छात्र का शव महाराजपुर में उसके घर छोड़कर वह भाग निकला। फिलहाल, पुलिस ने आरोपित कन्हैया के साथ ही उसकी महिला मित्र हर्षिता सोनी को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। हर्षिता पर साक्ष्य मिटाने का आरोप है। 

यह है मामला
महाराजपुर के गौरिया निवासी नरेन्द्र द्विवेदी रूमा में एक फैक्ट्री में काम करते हैं। घर की माली हालत ठीक न होने के चलते 11 वर्षीय बेटे दिव्यांशु उर्फ दीपू को एक सप्ताह पहले लखनऊ के गुरुकुल में पढ़ने भेजा था। बुधवार सुबह गुरुकुल से फोन कर सूचना दी गई कि बेटा सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया है। स्वजन लखनऊ जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि दोपहर लगभग 11 बजे गुरुकुल संचालक कन्हैया मिश्रा उर्फ सौरभ कार से आया और शव घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया। दिव्यांश के शरीर में गहरी व गंभीर चोटों के निशान देख स्वजन ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि गुरुकुल संचालक दिव्यांश को चार दिनों से यातनाएं दे रहा था। हाथ-पैर बांध कमरे में बंद कर उसे भूखा-प्यासा रखा था। छात्र को डंडे से बर्बरता से पीटने के बाद उसे लात मारी थी। इससे छात्र की दीवार से टकराकर मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिवंगत छात्र के शरीर पर चोटों और सिगरेट से जलाने के 42 निशान मिले हैं।

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