समंदर के नीचे की दुनिया देखनी है? भारत की ये जगहें स्कूबा डाइविंग के लिए हैं सबसे बेहतरीन
- byrajasthandesk
- 07 Jan, 2026
जब भी समुद्र की बात होती है, तो हमारी नज़रें उसकी लहरों और किनारों तक ही सीमित रहती हैं। लेकिन इन लहरों के नीचे एक ऐसी दुनिया छिपी है, जो रंगों, शांति और रहस्यों से भरी हुई है। रंग-बिरंगे कोरल, धीरे-धीरे तैरती मछलियां और पानी के अंदर फैली प्राकृतिक खूबसूरती हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है। भारत की अंडरवॉटर दुनिया अब दुनिया भर के ट्रैवलर्स और एडवेंचर लवर्स के बीच खास पहचान बना रही है।
अगर आप 2026 में कुछ अलग और यादगार अनुभव करना चाहते हैं, तो भारत की स्कूबा डाइविंग और स्नोर्कलिंग वाली जगहें आपके ट्रैवल प्लान में जरूर शामिल होनी चाहिए।
अंडमान और निकोबार द्वीप (हैवलॉक और नील आइलैंड)
भारत में स्कूबा डाइविंग की बात हो और अंडमान का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। यहां का पानी बेहद साफ होता है, जिससे अंडरवॉटर विजिबिलिटी शानदार मिलती है।
हैवलॉक और नील आइलैंड पर कोरल रीफ्स अच्छी स्थिति में हैं और यहां कछुए, रंगीन मछलियां और कई समुद्री जीव आसानी से दिखाई देते हैं। यही वजह है कि पहली बार डाइविंग करने वालों के लिए यह जगह सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय मानी जाती है।
लक्षद्वीप – शांति और नीले लैगून का अनुभव
लक्षद्वीप अपनी दूर-दराज़ स्थिति के कारण आज भी काफी हद तक अनछुआ है। यहां के उथले और नीले लैगून स्नोर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग दोनों के लिए आदर्श हैं।
कोरल गार्डन इतने खूबसूरत हैं कि पानी के नीचे समय कब बीत जाता है, इसका एहसास ही नहीं होता। भीड़-भाड़ से दूर, शांत माहौल में अंडरवॉटर दुनिया को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो लक्षद्वीप एक परफेक्ट विकल्प है।
गोवा (ग्रांडे आइलैंड)
गोवा को अक्सर पार्टी डेस्टिनेशन माना जाता है, लेकिन यह स्कूबा डाइविंग के लिए भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ग्रांडे आइलैंड के आसपास कोरल, अलग-अलग प्रजातियों की मछलियां और कुछ जगहों पर पुराने जहाजों के अवशेष देखने को मिलते हैं।
आसान पहुंच और अच्छे ट्रेनिंग सेंटर्स के कारण यह जगह बिगिनर्स के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है।
द्वारका – आस्था और समुद्र का अनोखा संगम
द्वारका में स्कूबा डाइविंग का अनुभव बाकी जगहों से बिल्कुल अलग है। यहां समुद्र के नीचे चट्टानों और संरचनाओं को भगवान कृष्ण से जुड़ी पौराणिक कथाओं से जोड़ा जाता है।
यह डाइविंग सिर्फ एडवेंचर नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और शांति से जुड़ा एक खास अनुभव बन जाती है।
मुरुदेश्वर – पानी के नीचे शिव की भव्य मूर्ति
कर्नाटक का मुरुदेश्वर भारत की सबसे अनोखी डाइविंग लोकेशन्स में गिना जाता है। यहां समुद्र के भीतर भगवान शिव की विशाल मूर्ति स्थित है।
साफ पानी में नीचे उतरते हुए इस मूर्ति को देखना एक ऐसा अनुभव है, जो लंबे समय तक याद रहता है और इसे बाकी डाइविंग स्पॉट्स से अलग बनाता है।
नेत्रनी आइलैंड – डाइवर्स का छुपा हुआ खजाना
नेत्रनी आइलैंड ज्यादा मशहूर नहीं है, लेकिन अनुभवी डाइवर्स के बीच यह बेहद पसंद किया जाता है। यहां की अंडरवॉटर संरचना, साफ पानी और समुद्री जीवों की विविधता इसे खास बनाती है।
2026 में एडवेंचर ट्रैवल के शौकीनों के लिए यह जगह एक शानदार विकल्प हो सकती है।
तारकरली – आसान और शांत अंडरवॉटर अनुभव
महाराष्ट्र का तारकरली बाहर से भले ही साधारण लगे, लेकिन पानी के नीचे इसका नज़ारा चौंकाने वाला है। यहां स्नोर्कलिंग के लिए अच्छी विजिबिलिटी मिलती है, जो नए लोगों के लिए आदर्श है।
कम बजट और आसान पहुंच के कारण यह जगह धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है।
अगर आप समुद्र के नीचे की दुनिया को करीब से देखना चाहते हैं, तो भारत की ये स्कूबा डाइविंग जगहें 2026 में आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं। यहां एडवेंचर, शांति और प्राकृतिक खूबसूरती—all in one—का अनुभव मिलता है।






