कर्ज से बाहर निकलने के 5 असरदार उपाय: सही प्लानिंग से बदलेगी आपकी आर्थिक स्थिति

जब लगातार खर्च आमदनी से ज्यादा होने लगता है, तब धीरे-धीरे कर्ज का दबाव बढ़ने लगता है। बढ़ती महंगाई, पढ़ाई का खर्च, मेडिकल बिल और क्रेडिट कार्ड की आसान उपलब्धता लोगों को बिना एहसास कराए कर्ज के जाल में फंसा देती है। कई बार स्थिति तब समझ आती है, जब EMI बोझ बन चुकी होती है।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि कर्ज में फंसना परेशान करने वाला जरूर है, लेकिन इससे बाहर निकलना असंभव नहीं है। घबराने की बजाय सही रणनीति अपनाने की जरूरत होती है। नीचे दिए गए पांच उपाय इस संकट से उबरने में बड़ी मदद कर सकते हैं।

1. हर कर्ज को एक नजर से न देखें

सभी लोन एक जैसे नहीं होते। लंबी अवधि के कम ब्याज वाले लोन और क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जैसे हाई-इंटरेस्ट कर्ज में बड़ा फर्क होता है। सबसे पहले अपने सभी लोन की पूरी सूची बनाएं।

इसमें लोन अमाउंट, ब्याज दर और EMI जरूर शामिल करें। जिन लोन पर ब्याज ज्यादा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पहले चुकाने की कोशिश करें। इससे कुल ब्याज का बोझ कम होता है।

2. मासिक खर्चों की गहराई से समीक्षा करें

कर्ज की शुरुआत अक्सर अनियंत्रित खर्च से होती है। ऐसे में हर महीने के खर्च का रिव्यू करना बेहद जरूरी है। इससे पता चलता है कि पैसा कहां बेवजह खर्च हो रहा है।

जरूरी और गैर-जरूरी खर्चों को अलग करें। गैर-जरूरी खर्च कम करने से कैश फ्लो सुधरता है और कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त पैसा मिलता है।

3. कर्ज चुकाने की प्राथमिकता तय करें

अगर क्रेडिट कार्ड का बकाया हर महीने आगे बढ़ रहा है, तो यह सबसे बड़ा खतरा है। क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें काफी ज्यादा होती हैं, जिससे कर्ज तेजी से बढ़ता है।

इसलिए कोशिश करें कि क्रेडिट कार्ड का बैलेंस जल्द से जल्द खत्म किया जाए। एकमुश्त या चरणबद्ध भुगतान दोनों ही विकल्प कारगर हो सकते हैं।

4. लाइफस्टाइल और जरूरतों में फर्क समझें

बीते कुछ वर्षों में लाइफस्टाइल से जुड़े खर्च काफी बढ़े हैं, जैसे बाहर खाना, घूमना-फिरना और गैर-जरूरी खरीदारी। कर्ज से बाहर निकलने तक इन खर्चों को सीमित करना समझदारी है।

यह अस्थायी बदलाव भविष्य में आर्थिक स्थिरता लाने में मदद करता है और फाइनेंशियल तनाव को कम करता है।

5. बोनस और टैक्स रिफंड का सही इस्तेमाल करें

बोनस या टैक्स रिफंड के रूप में मिलने वाली रकम कर्ज चुकाने का बेहतरीन मौका होती है। इस पैसे को खर्च करने से पहले उसकी योजना बनाएं।

अगर इस रकम का इस्तेमाल लोन चुकाने में किया जाए, तो कर्ज से बाहर निकलने की प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है।

निष्कर्ष

कर्ज में फंसना आम बात है, लेकिन सही फैसलों और अनुशासन से इससे बाहर निकला जा सकता है। ये पांच उपाय न केवल कर्ज कम करने में मदद करेंगे, बल्कि भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित भी बनाएंगे।