WhatsApp के बाद अब Telegram पर सरकार की नज़र; इन वजहों से भेजा नोटिस, जानें पूरा मामला
- byvarsha
- 04 Jul, 2026
pc: navarashtra
सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर कुछ समय के लिए बैन लगाने का फैसला किया है। इसके बाद, यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Telegram और Signal पर भी एक्शन लेगी। असल में, इन दोनों प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर पहले से ही मौजूद है। अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन दोनों प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजकर इस फीचर के बारे में जवाब मांगा है।
सरकार ने अब यह सवाल पूछना शुरू कर दिया है कि यूजरनेम फीचर में यूजर की असली पहचान कैसे सुरक्षित रहती है। साथ ही, सरकार अब यह जानना चाहती है कि क्या कोई व्यक्ति किसी दूसरे यूजर के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को धोखा दे सकता है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए नियम एक जैसे हैं। इसी वजह से अब Telegram और Signal को भी नोटिस भेजा गया है।
WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर कुछ समय के लिए बैन
कंपनी ने यूजर प्राइवेसी और सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए यूजरनेम फीचर पेश किया था। असल में, यह फीचर इस साल के आखिर तक लॉन्च होना था। कंपनी ने यह फीचर अभी सिर्फ इसलिए जारी किया था ताकि यूजर अपने यूजरनेम सेव कर सकें। हालांकि, अब सरकार ने इस पर आपत्ति जताई है और इस फीचर को कुछ समय के लिए बैन करने का फैसला किया है। सरकार ने मेटा को यूजरनेम फीचर को रोल आउट न करने के लिए एक नोटिस भी भेजा है और इस बारे में तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। फ्रॉड और साइबर क्राइम की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस फीचर को बैन करने का फैसला किया है।
इस मामले पर जवाब देते हुए WhatsApp ने कहा है कि यह फीचर अब रोल आउट नहीं किया जा रहा है और कंपनी ने इसमें कई सिक्योरिटी उपाय भी जोड़े हैं। अब इस फीचर में सिर्फ यूजर ही अपने यूजरनेम रिज़र्व कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल किसी और मकसद के लिए नहीं किया जा सकता है।
सरकार ने जताई चिंता
WhatsApp को भेजे नोटिस में सरकार ने कहा है कि इस फीचर से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और आइडेंटिटी थेफ्ट जैसी घटनाओं में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार ने यह भी चिंता जताई है कि इस फीचर का गलत इस्तेमाल करके लोग किसी व्यक्ति, सरकारी संस्था, फाइनेंशियल संस्था और सरकारी एजेंसी के नाम जैसे यूजरनेम रिज़र्व कर सकते हैं। इससे असली और नकली अकाउंट में फर्क करना मुश्किल हो सकता है।






