Apara Ekadashi 2026: जाने अपरा एकादशी के दिन आपको रखना होता हैं किन बातों का ध्यान, नहीं तो व्रत हो जाता हैं...
- byShiv
- 11 May, 2026
इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत बड़ा महत्व है। हर माह में दो एकादशी आती है। वहीं, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से अपरा एकादशी का व्रत और पूजन करने से जातक के समस्त पापों का नाश होता है। लेकिन एकादशी के व्रत के नियमों का पालन दशमी तिथि से लेकर द्वादशी तिथि तक करना आवश्यक होता है तो जानते हैं आज उनके बारे में।
अपरा एकादशी पर क्या नहीं करें
एकादशी तिथि से एक दिन पहले यानी दशमी तिथि से ही तामसिक भोजन जैसे- लहसुन, प्याज आदि छोड़ दें
अपरा एकादशी पर भूलकर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है।
एकादशी का व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते के साथ ही किया जाता है।
एकादशी तिथि पर व्रती को दोपहर के समय शयन नहीं करना चाहिए।
अपरा एकादशी के व्रत में नमक का सेवन करना वर्जित माना गया है। ऐसा करने से व्रत बीच में टूट सकता है।
अपरा एकादशी पर क्या करना चाहिए
अपरा एकादशी के दिन सुबह सूर्याेदय से पहले उठकर स्नानादि करना चाहिए। इसके बाद, व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन विधि-पूर्वक व्रत करना चाहिए।
अगर आप एकादशी का व्रत करने वाले हैं, तो इसके नियमों का पालन दशमी तिथि से ही करना शुरू कर देना चाहिए।
अपरा एकादशी के दिन अपने मन को शांत रखकर भगवान का ध्यान करना चाहिए। साथ ही, विष्णुजी के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
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