BCCI New Rules: चौंकाने वाली खबर! भारतीय खिलाड़ियों के लिए नई फिटनेस 'परीक्षा'; देना होगा ये टेस्ट

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BCCI ने टीम इंडिया के खेल को बेहतर बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इसकी वजह से अब भारतीय खिलाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट पास करना पहले से ज़्यादा मुश्किल हो जाएगा। भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड से बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद अब BCCI ने फिटनेस नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में खिलाड़ियों के फिटनेस सिस्टम और क्राइटेरिया में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। इन नए नियमों के मुताबिक, खिलाड़ियों को सिर्फ मैदान पर उनके प्रदर्शन या आम फिटनेस के दम पर टीम में जगह नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें BCCI द्वारा तय किए गए सख्त और एक जैसे स्टैंडर्ड पर खुद को साबित करना होगा।

पिछले कुछ सालों से भारतीय टीम में चुने जाने के लिए फिटनेस टेस्ट में 'यो-यो टेस्ट' को मुख्य आधार माना जाता था। हालांकि, अब इसकी जगह ब्रोंको टेस्ट ने ले ली है। समझा जा रहा है कि BCCI इसी टेस्ट को मुख्य फिटनेस टेस्ट के तौर पर मानेगा। यह बात सामने आ रही है कि BCCI ने सभी के लिए एक जैसे नियम लागू किए हैं।

ब्रोंको टेस्ट क्या है?

इस टेस्ट में खिलाड़ी को लगातार 5 सेट पूरे करने होते हैं। एक सेट में 20 मीटर, 40 मीटर और 60 मीटर के शटल रन होते हैं। यानी एक सेट में 240 मीटर की दूरी तय करनी होती है। बिना आराम किए लगातार 5 सेट पूरे करते हुए खिलाड़ी को कुल 1200 मीटर की दूरी दौड़नी होती है। सभी खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड के टाइम फ्रेम में पूरा करना ज़रूरी होगा। ब्रोंको टेस्ट के बाद होने वाले 2 किलोमीटर रन टेस्ट के लिए अब 9 से 10 मिनट का तय टाइम तय किया जाएगा।

आरोप था कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों या कुछ खास सीरीज़ के खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट में छूट या आसान टारगेट दिए जा रहे थे। कुछ खिलाड़ियों को वज़न की लिमिट या फिटनेस पूरी न करने के बावजूद टीम में जगह दी गई, जिससे मैचों के दौरान 'क्रैम्प्स' (मांसपेशियों में खिंचाव) और चोटों की संख्या बढ़ गई। इससे बचने के लिए BCCI ने अब कुछ नए नियम लागू करने का फैसला किया है।