Budget 2026: टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए निर्मला सीतारमण कर सकती हैं 5 बड़े ऐलान
- byrajasthandesk
- 08 Jan, 2026
Budget 2026: यूनियन बजट 2026 को लेकर टैक्सपेयर्स की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स सिस्टम को आसान बनाने और आम लोगों को राहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। बजट 2025 में 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री करना और बजट 2024 में कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव इसका बड़ा उदाहरण हैं।
अब टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में सरकार 5 बड़े ऐलान कर सकती है, जिससे सैलरीड क्लास, निवेशकों और मिडिल क्लास को सीधा फायदा होगा।
1. क्रिप्टोकरेंसी इनवेस्टर्स को टैक्स में राहत
क्रिप्टो इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इस बार सरकार टैक्स नियमों में ढील दे सकती है। फिलहाल क्रिप्टो पर:
- हर ट्रांजैक्शन पर 1% TDS
- मुनाफे पर 30% फ्लैट टैक्स
लगता है, जिससे ट्रेडिंग काफी कम हो गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार:
- TDS कम कर सकती है
- लॉस सेट-ऑफ की अनुमति दे सकती है
- टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बना सकती है
ऐसा होने पर क्रिप्टो बाजार में दोबारा रफ्तार आ सकती है।
2. शेयर और इक्विटी MF पर टैक्स-फ्री LTCG लिमिट बढ़ सकती है
बजट 2024 में सरकार ने इक्विटी और म्यूचुअल फंड्स पर टैक्स-फ्री LTCG लिमिट बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दी थी। अब उम्मीद है कि बजट 2026 में इसे 2 लाख रुपये तक किया जा सकता है।
इससे:
- लंबी अवधि निवेश को बढ़ावा मिलेगा
- रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी
- वेल्थ क्रिएशन को सपोर्ट मिलेगा
3. नई टैक्स रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ सकती है
नई टैक्स रीजीम में अभी बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 4 लाख रुपये है। एक्सपर्ट्स इसे 5 लाख रुपये करने की सलाह दे रहे हैं।
इससे:
- कम आय वालों को सीधा फायदा होगा
- टैक्स बोझ कम होगा
- नई रीजीम ज्यादा आकर्षक बनेगी
4. नई रीजीम में भी इंश्योरेंस पर डिडक्शन की उम्मीद
अभी टर्म लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन सिर्फ ओल्ड रीजीम में मिलता है:
- सेक्शन 80C – टर्म इंश्योरेंस
- सेक्शन 80D – हेल्थ इंश्योरेंस
एक्सपर्ट्स चाहते हैं कि ये बेनिफिट्स नई रीजीम में भी दिए जाएं। इससे:
- लोग ज्यादा इंश्योरेंस लेंगे
- फाइनेंशियल सिक्योरिटी बढ़ेगी
- नई रीजीम को बढ़ावा मिलेगा
5. डेट म्यूचुअल फंड इनवेस्टर्स को राहत मिल सकती है
1 अप्रैल 2023 से डेट म्यूचुअल फंड्स पर LTCG खत्म कर दिया गया है। अब सभी गेन शॉर्ट टर्म माने जाते हैं और स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इससे इनवेस्टर्स की दिलचस्पी कम हो गई है।
बजट 2026 में सरकार:
- LTCG बेनिफिट वापस ला सकती है
- टैक्स रेट कम कर सकती है
- इंडेक्सेशन की सुविधा दे सकती है
क्यों खास है Budget 2026 टैक्सपेयर्स के लिए
पिछले कुछ बजटों में सरकार ने:
- टैक्स स्लैब सुधारे
- नई रीजीम लाई
- कैपिटल गेंस आसान किए
- इनकम टैक्स-फ्री लिमिट बढ़ाई
अब बजट 2026 से उम्मीद है कि यह सिलसिला जारी रहेगा और आम लोगों को और राहत मिलेगी।
Budget 2026 टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी सौगात लेकर आ सकता है। क्रिप्टो, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस और सैलरीड क्लास—हर किसी को इससे फायदा हो सकता है। अब सबकी नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऐलानों पर टिकी हैं।






