परिवार के नाम पर इनकम टैक्स कैसे बचाएं: माता-पिता, जीवनसाथी और बच्चों के लिए अहम सेक्शन
- byrajasthandesk
- 04 Jan, 2026
इनकम टैक्स प्लानिंग केवल आपकी अपनी कमाई और निवेश तक सीमित नहीं है। आयकर कानून आपको यह सुविधा देता है कि आप अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर किए गए खर्च और निवेश के जरिए भी टैक्स बचा सकें। खासतौर पर Old Tax Regime चुनने पर माता-पिता, जीवनसाथी और बच्चों से जुड़े कई सेक्शन टैक्स राहत देते हैं।
आइए विस्तार से समझते हैं कि परिवार के किस सदस्य के लिए कौन-सा सेक्शन काम आता है।
माता-पिता के नाम पर टैक्स बचाने के विकल्प
माता-पिता के लिए टैक्स बचत का सबसे मजबूत प्रावधान Section 80D है, जो हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल खर्च से जुड़ा है। यदि आप अपने माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भरते हैं, तो उनके आप पर आर्थिक रूप से निर्भर होने की शर्त नहीं होती।
- 60 वर्ष से कम उम्र के माता-पिता के लिए ₹25,000 तक की छूट
- सीनियर सिटीजन माता-पिता के लिए ₹50,000 तक की छूट
इसी सीमा के भीतर ₹5,000 तक का प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप खर्च भी जोड़ा जा सकता है।
यदि सीनियर सिटीजन माता-पिता के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो उनके इलाज पर किए गए खर्च पर ₹50,000 तक की कटौती का विकल्प भी मिलता है।
माता-पिता के लिए किन मामलों में छूट नहीं
माता-पिता के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर Section 80C की छूट नहीं मिलती, भले ही वे आप पर निर्भर हों।
हालांकि, यदि कोई माता-पिता आश्रित हैं और किसी निर्धारित विकलांगता से पीड़ित हैं, तो Section 80DD के तहत ₹75,000 और गंभीर विकलांगता में ₹1,25,000 तक की छूट मिल सकती है।
इसके अलावा, गंभीर बीमारियों के इलाज पर Section 80DDB में सीनियर सिटीजन के लिए ₹1,00,000 तक और अन्य मामलों में ₹40,000 तक की कटौती उपलब्ध है।
भाई-बहनों के लिए सीमित टैक्स लाभ
भाई-बहनों के लिए टैक्स छूट काफी सीमित है और अधिकतर मामलों में “निर्भरता” जरूरी होती है। उदाहरण के तौर पर, LTA का लाभ तभी मिल सकता है जब निर्भर भाई-बहन आपके साथ भारत के अंदर यात्रा करें।
कुछ मेडिकल स्थितियों में 80DD और 80DDB लागू हो सकते हैं, लेकिन 80C और 80E जैसी कटौतियां आमतौर पर भाई-बहनों के लिए मान्य नहीं होतीं।
जीवनसाथी के साथ टैक्स प्लानिंग
जीवनसाथी के नाम पर टैक्स प्लानिंग अपेक्षाकृत आसान होती है। आप LTA का लाभ spouse के साथ यात्रा पर ले सकते हैं, चाहे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों।
- Section 80D: स्वयं, जीवनसाथी और बच्चों के हेल्थ इंश्योरेंस पर ₹25,000 तक
- Section 80C: spouse के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस और PPF निवेश
- Section 80E: spouse की उच्च शिक्षा के लिए लिए गए एजुकेशन लोन पर ब्याज की पूरी छूट
बच्चों के नाम पर टैक्स छूट
बच्चों से जुड़े खर्चों पर टैक्स कानून कई राहत देता है:
- Section 80C के तहत बच्चों की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी
- स्कूल की ट्यूशन फीस (नियमों के अनुसार)
- बच्चों के नाम पर PPF योगदान
- उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन पर Section 80E की छूट
बच्चों का हेल्थ इंश्योरेंस आमतौर पर Section 80D में तब शामिल किया जाता है जब वे आर्थिक रूप से निर्भर हों।
ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
हर टैक्स-सेविंग निवेश परिवार के नाम पर करने से आपको लाभ मिले, यह जरूरी नहीं। ELSS और NSC जैसे निवेशों में टैक्स लाभ सामान्यतः उसी व्यक्ति को मिलता है जिसके नाम पर निवेश किया गया हो।
इसलिए फैमिली टैक्स प्लानिंग करते समय यह समझना जरूरी है कि:
- कौन-सा सेक्शन लागू होगा
- कटौती किसके नाम पर मान्य है
- निर्भरता की शर्त पूरी हो रही है या नहीं
सही जानकारी और योजना के साथ आप कानूनी तरीके से अपने परिवार के जरिए टैक्स बोझ को काफी हद तक कम कर सकते हैं।





