इन हेल्दी फूड्स को करें अपनी डाइट में शामिल, कब्ज से मिलेगी मुक्ति

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आजकल बहुत से लोग कब्ज़ से परेशान रहते हैं। कब्ज़, पेट साफ़ करने में होने वाली दिक्कत है। यह दिक्कत कम फाइबर वाली डाइट, ज़्यादा पानी न पीने, ज़्यादा देर तक बैठे रहने और गलत खान-पान की आदतों की वजह से हो सकती है। बहुत से लोग इसे छोटी-मोटी दिक्कत समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन जब आपको पुरानी कब्ज़ हो, तो अपनी डाइट पर खास ध्यान देना बहुत ज़रूरी है। सही डाइट और हेल्दी खान-पान की आदतों से इस दिक्कत को काफी हद तक कम किया जा सकता है। खासकर, फाइबर वाली चीज़ें खाने और ज़्यादा पानी पीने से डाइजेशन बेहतर होता है। तो, आइए जानें कि कब्ज़ कम करने के लिए अपनी डाइट में कौन सी हेल्दी चीज़ें शामिल करें, किन चीज़ों से बचें और डॉक्टर से कब सलाह लें।

कब्ज़ से राहत पाने के लिए इन हेल्दी चीज़ों को शामिल करें
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डायबिटीज़ एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिज़ीज़ (NIDDK) के मुताबिक, फाइबर वाली चीज़ें खाने से कब्ज़ में फ़ायदा हो सकता है। ओट्स, ब्राउन राइस और गेहूं का आटा जैसी चीज़ों में फाइबर भरपूर होता है। साथ ही, सेब, नाशपाती, कीवी और बेरी जैसे फलों में फाइबर और पानी की मात्रा ज़्यादा होती है, जो पेट साफ़ करने में मदद करते हैं।

पालक और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां डाइजेशन के लिए अच्छी मानी जाती हैं। दालें, राजमा, छोले और मसूर में फाइबर और प्रोटीन होता है, जिससे डाइजेशन बेहतर होता है। वहीं, बादाम, अलसी और चिया सीड्स जैसे ड्राई फ्रूट्स और सीड्स में भी फाइबर भरपूर होता है। अपनी डेली डाइट के साथ खूब पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि पानी और फाइबर मिलकर आंतों को साफ करने में मदद करते हैं।

कब्ज होने पर किन फूड्स से बचना चाहिए?

अगर आपको कब्ज की समस्या है, तो कम फाइबर वाली चीजें कम खाएं। सफेद ब्रेड, मैदा, केक, पेस्ट्री, बिस्कुट और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स डाइजेशन पर असर डाल सकते हैं। ज्यादा तला हुआ और फास्ट फूड खाने से भी कब्ज बढ़ सकता है।

अगर आप अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ा रहे हैं, तो खूब पानी पीना न भूलें, क्योंकि बिना पानी के ज्यादा फाइबर कुछ लोगों में कब्ज बढ़ा सकता है। अपनी डाइट में बैलेंस बनाए रखना जरूरी है।

डॉक्टर से सलाह कब लेना ज़रूरी है?

अगर कब्ज़ कई हफ़्तों तक रहे, शौच के दौरान तेज़ दर्द हो, मल में खून आए, बिना किसी कोशिश के वज़न कम हो, या पेट में लगातार दर्द और उल्टी हो, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

इसके अलावा, अगर घरेलू नुस्खों और खान-पान में बदलाव से आराम न मिले, तो टेस्ट करवाना ज़रूरी है। जल्दी इलाज से कब्ज़ का कारण पता चल सकता है और सही इलाज शुरू किया जा सकता है।