IND vs ENG: सीरीज हार के बाद फूटा शुभमन गिल का गुस्सा, खिलाड़ियों की फिटनेस पर उठाए बड़े सवाल
- byvarsha
- 21 Jul, 2026
pc: tv9
भारत और इंग्लैंड के खिलाफ ODI और T20 सीरीज पूरी हो गई थी। जिसे भारतीय टीम हार गई। अब एक बड़ा सवाल उठ रहा है क्योंकि भारतीय टीम एक नहीं बल्कि दोनों सीरीज हार गई। भारतीय टीम में एक साथ कई बड़े बदलाव किए गए हैं। टीम में कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। अब टीम के सिलेक्शन पर कई सवाल उठ रहे हैं। सीरीज हारने के बाद कप्तान शुभमन गिल के फैसले पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। गिल को कई सवालों के जवाब देने पड़े। सीरीज के निर्णायक और आखिरी ODI में भारत ने चार तेज गेंदबाजों और अक्षर पटेल को अकेले मुख्य स्पिन गेंदबाज के तौर पर खिलाने का फैसला किया। हालांकि, अक्षर एक भी विकेट नहीं ले सके और 10 ओवर में 61 रन दे दिए।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलदीप को टीम से बाहर करने का कारण पूछे जाने पर कप्तान शुभमन गिल ने अपनी रणनीति बताई। उन्होंने कहा, “हमने पिछले मैचों में देखा था कि पिचें स्पिनरों के लिए ज़्यादा मददगार नहीं थीं। जब भी स्पिनर बॉलिंग करने आते थे, तो हमें थोड़ा डिफेंसिव रवैया अपनाना पड़ता था, जबकि दूसरी तरफ, हमें हमेशा लगता था कि तेज़ गेंदबाजों के आने से कुछ होने वाला है। यही वजह थी कि टीम में एक एक्स्ट्रा स्पिनर नहीं रखा गया।”
शुभमन कहते हैं, 'जिस टीम का हमने ऐलान किया था, उसमें से कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल पाए. अगर एक खिलाड़ी चोटिल होता है तो आप नया कॉम्बिनेशन बना लेते हैं. दो खिलाड़ी बाहर हो जाएं तो फिर दूसरा प्लान बना लेते हैं. लेकिन अगर हर मैच के बाद कोई खिलाड़ी उपलब्ध ही नहीं रहे, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं हमसे बड़ी गलती हो रही है.'
हालांकि, जब इंग्लैंड के स्पिनरों ने 387 के बड़े स्कोर का शानदार बचाव किया, तो भारतीय कप्तान की बात पूरी तरह से हवा हो गई। आदिल राशिद और विल जैक्स के अलावा, पार्ट-टाइम स्पिनर जैकब बेथेल ने भी शानदार बॉलिंग की और शतक बनाने वाले रोहित शर्मा को आउट करके भारत की कमर तोड़ दी, जो 138 रन पर बैटिंग कर रहे थे। पिच के बदलते नेचर और अपनी स्ट्रैटेजी के बारे में बताते हुए गिल ने कहा, “शायद पीछे मुड़कर देखें तो पिच थोड़ी धीमी थी। जब हम बॉलिंग कर रहे थे और अक्षर भाई बॉलिंग कर रहे थे, तो हमें नहीं लगा था कि पिच इतनी धीमी होगी। लेकिन जब इंग्लैंड के गेंदबाज आए, तो खेल आगे बढ़ने के साथ पिच काफी धीमी हो गई।”
हेड कोच गौतम गंभीर की लीडरशिप में मौजूदा टीम मैनेजमेंट ऑलराउंडर्स को प्रायोरिटी देने पर ज़्यादा फोकस कर रहा है। कुलदीप यादव को अक्सर प्लेइंग XI से बाहर रखा जाता है क्योंकि उनकी बैटिंग अक्षर पटेल या वाशिंगटन सुंदर जितनी मज़बूत नहीं है। सिर्फ़ अपनी बॉलिंग एबिलिटी के दम पर टीम में जगह बनाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।






