पीएम मोदी की ट्रंप से ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर फोन पर हुई बातचीत में मस्क भी थे शामिल, रिपोर्ट में दावा
- byvarsha
- 28 Mar, 2026
pc: ndtv
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस हफ्ते जो फोन कॉल पर बात हुई थी, क्या उस समय अरबपति एलन मस्क भी लाइन पर थे? ये दावा 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में किया है। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि मस्क फोन पर हो रही बातचीत में क्यों मौजूद थे, या उन्हें ऐसा करने की इजाज़त क्यों दी गई। यह भी साफ़ नहीं है कि मस्क ने कुछ कहा भी या नहीं।
ट्रंप ने मंगलवार को मोदी को पश्चिम एशिया के हालात पर बात करने के लिए फोन किया। प्रधानमंत्री ने खुद सोशल मीडिया पर इस कॉल की घोषणा की। युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली बातचीत थी। मोदी ने कहा कि उन्होंने और ट्रंप ने फोन पर पश्चिम एशिया पर अपने विचार शेयर किए। उन्होंने ट्रंप से कहा कि भारत तनाव कम करना चाहता है और तुरंत शांति का समर्थन करता है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी लंबी चर्चा की। दोनों नेताओं ने जलमार्ग को सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ रखने की ज़रूरत पर सहमति जताई। मोदी ने कहा कि वे शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
न तो व्हाइट हाउस और न ही नई दिल्ली ने फोन पर मस्क की मौजूदगी के बारे में कोई सार्वजनिक टिप्पणी की है। दो सीनियर US अधिकारियों ने, जो अपना नाम नहीं बताना चाहते थे, न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि मस्क के ट्रंप के साथ रिश्ते शायद कुछ बेहतर हुए हैं। इसीलिए वह मोदी के साथ फोन कॉल में शामिल हो पाए। हालांकि, यह पता नहीं है कि मस्क ने खुद वहां कोई कमेंट किया या नहीं।
मस्क की कंपनी को वेस्ट एशिया के कई देशों से इन्वेस्टमेंट मिलता है। इनमें सऊदी अरब और कतर भी शामिल हैं। इसके अलावा, मस्क लंबे समय से इंडियन मार्केट में अपना बिजनेस बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी प्राइवेट कंपनी SpaceX इस साल के आखिर तक इंडियन मार्केट में आ सकती है। वेस्ट एशिया में जंग मस्क के लिए हर तरफ से नुकसानदायक है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक जारी रही, तो उन्हें भारी फाइनेंशियल नुकसान हो सकता है। हालांकि, मस्क ने शुरू से ही ईरान के खिलाफ US-इजरायल कैंपेन के बारे में ज्यादा मुंह नहीं खोला है। इसलिए, उनकी पोजीशन समझ में नहीं आ रही है। US मीडिया ने मोदी-ट्रंप फोन कॉल में उनकी मौजूदगी के बारे में जानने के लिए कई बार मस्क से कॉन्टैक्ट किया। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। व्हाइट हाउस ने भी कुछ नहीं कहा है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दो नेताओं के बीच फोन कॉल में किसी तीसरे व्यक्ति का दखल देना बहुत कम होता है। व्हाइट हाउस आमतौर पर ऐसी इजाज़त नहीं देता है। क्योंकि ज़्यादातर मामलों में ऐसी कॉल्स में नेशनल सिक्योरिटी के मुद्दों पर बात होती है, जो हर किसी को पता नहीं होती। ऐसे में मास्क की ज़रूरत को लेकर अंदाज़े लगने लगे हैं।





