NIA ने भारत के खिलाफ आतंकी साजिश का किया फंडाफोड़, 1 अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार
- byShiv
- 18 Mar, 2026
इंटरनेट डेस्क। म्यांमार में सक्रिय उग्रवादी समूहों से संपर्क, हथियार सप्लाई और ड्रोन आपरेशन में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों को 11 दिन की एनआइए हिरासत में भेज दिया है। बताया जा रहा हैं कि पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआइए अदालत ने यह फैसला लिया है। इनमें छह यूक्रेन के नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक शामिल हैं।
खबरों की माने तो यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने पारित किया। एनआइए ने 15 दिन की कस्टडी मांगी थी, लेकिन अदालत ने 27 मार्च तक 11 दिन की हिरासत मंजूर की। अदालत ने कहा कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और ये सीधे तौर पर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को प्रभावित करते हैं। कोर्ट ने माना कि मामला सामान्य नहीं है और प्रथम दृष्टया यूएपीए की धारा 18 लागू होती है।
मीडिया रिपोटर्स की माने तो अदालत के अनुसार, आरोपितों से पूछताछ कर बड़ी साजिश, फंडिंग नेटवर्क, अन्य सहयोगियों की पहचान और डिजिटल साक्ष्यों जैसे मोबाइल फोन व इंटरनेट मीडिया का विश्लेषण किया जाना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एफआइआर दर्ज करने या जांच प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई आधार नहीं है और प्रारंभिक पूछताछ में सीमा पार साजिश के संकेत मिले हैं। गिरफ्तार आरोपितों में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरान वैन डाइक और यूक्रेन के नागरिक हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होन्चारुक मक्सिम और कामिन्स्की विक्टर शामिल हैं। एनआइए के अनुसार, आरोपित सीधे तौर पर एके-47 राइफल से लैस आतंकियों के संपर्क में थे और उनकी गतिविधियों में सहयोग कर रहे थे। एजेंसी का दावा है कि ये लोग म्यांमार के एथनिक सशस्त्र समूहों के जरिए भारत में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को हथियार, आतंकी उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहे थे।
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