Oral cancer: स्मोकिंग न करने वालों में भी बढ़ रहा है ओरल कैंसर, यह महिलाओं के लिए क्यों है चेतावनी का संकेत ?

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ओरल कैंसर असल में तंबाकू खाने से जुड़ा माना जाता है। हालांकि, अब इस बीमारी के रूप में एक चिंताजनक बदलाव देखने को मिल रहा है। खासकर, तंबाकू न खाने वालों में भी इसके मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

इस कैंसर के मामले खासकर महिलाओं में बढ़े हैं। तंबाकू न खाने वालों में कैंसर का समय पर पता लगाना मुश्किल होता है। क्योंकि कई मरीज़ों में इस बीमारी से जुड़े शुरुआती लक्षण नहीं दिखते।

हालांकि तंबाकू और शराब ओरल कैंसर के मुख्य कारण हैं, लेकिन ओरल कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी के लिए दूसरे कारण भी ज़िम्मेदार हैं। इनमें ओरल हाइजीन, HPV इन्फेक्शन, जेनेटिक्स, पोषक तत्वों की कमी और बढ़ता प्रदूषण शामिल हैं।

पुणे के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. राम पाटिल ने कहा कि ओरल कैंसर अक्सर बिना किसी लक्षण के होता है। इसलिए, इसके शुरुआती लक्षणों को आसानी से नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। इनमें मुंह के छाले जो ठीक नहीं होते, बिना किसी वजह के गांठें, निगलने में दिक्कत, आवाज़ में बदलाव या मुंह में सफेद/लाल धब्बे शामिल हैं।

अक्सर, मरीज़ इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और बीमारी के अगले स्टेज में पहुंचने के बाद इलाज करवाते हैं। इससे इलाज और मुश्किल हो जाता है और नतीजा कम अच्छा मिलता है। जो महिलाएं तंबाकू नहीं खातीं, उनमें ओरल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। चूंकि इन मरीज़ों में पारंपरिक रिस्क फैक्टर नहीं होते, इसलिए समय पर डायग्नोसिस अच्छा रहता है। इसलिए, एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा है कि मुंह में होने वाले छोटे-मोटे बदलावों और घावों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

डॉ. राम आगे कहते हैं कि तंबाकू न पीने वालों में ओरल कैंसर के मरीज़ों में लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी महिलाओं में भी साफ दिख रही है। हर महीने, 25 से 65 साल की उम्र के 10 में से 4 संदिग्ध मरीज़ ओरल कैंसर का इलाज कराने आते हैं, जिनमें से 3 महिलाएं होती हैं, जबकि 1 पुरुष होता है जिसने पहले कभी तंबाकू नहीं खाया है। यह बदलाव चिंताजनक है और कई मरीज़ों में, ओरल हाइजीन और HPV इन्फेक्शन मुख्य कारण हैं।

जल्दी डायग्नोसिस और इलाज से मरीज़ की जान बच सकती है। इलाज में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी शामिल हैं। अगर शुरुआती स्टेज में पता चल जाए, तो इस कैंसर को ठीक किया जा सकता है। इसलिए, ओरल हेल्थ पर खास ध्यान देना ज़रूरी है।

TGH ऑन्को लाइफ कैंसर सेंटर की रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. ज्योति मेहता ने कहा कि जो लोग तंबाकू नहीं पीते हैं, उनमें ओरल कैंसर के मरीज़ों की संख्या बढ़ रही है और यह दर महिलाओं में बढ़ रही है। ऐसे मरीज़ों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे मुंह की साफ़-सफ़ाई, HPV इन्फेक्शन, टूटे दांतों के कारण पुरानी सूजन, खराब फिटिंग वाले डेन्चर, मसालेदार और कड़वे खाने की आदतें और बढ़ता स्ट्रेस शामिल हैं।