Physical relationship: पति-पत्नी को इन विशेष दिनों में नहीं करना चाहिए $ex, बच्चों के साथ आर्थिक रूप से भी हो जाएंगे...

इंटरनेट डेस्क। शादी के बाद पति पत्नी के बीच शारीरिक संबंध बनना नई बात नहीं है। लेकिन शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसे विशेष दिन हैं जब पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध स्थापित नहीं होने चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में परेशानी ही परेशानी आ सकती है तो जानते हैं उन दिनों के बारे में जब संबंध बनाने से बचना चाहिए।

पूर्णिमा और अमाव

 हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार पूर्णिमा और अमावस्या तिथियों पर पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करना चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन में कलह और संतान के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
 

चतुर्थी और अष्टमी

मान्यताओं के अनुसार, किसी भी माह की चतुर्थी और अष्टमी तिथि को पति-पत्नी को शारीरिक संबंधों से दूर रहना चाहिए। इन दिनों में संबंध स्थापित करने से संतान के करियर और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

रविवार
रविवार को सूर्य देव का दिन माना जाता है, जो ऊर्जा और शक्ति के प्रतीक हैं। शास्त्रों में इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है।
 

संक्रांति पर
सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने को संक्रांति कहा जाता है। इस दिन धार्मिक दृष्टिकोण से पवित्र माना जाता है, और स्नान, दान आदि का विशेष महत्व है। संक्रांति के दिन पति-पत्नी को शारीरिक संबंधों से बचना चाहिए।
 

श्राद्ध पक्ष
श्राद्ध पक्ष, जो पितरों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है, इन पंद्रह दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाना वर्जित माना गया है। क्योंकि ऐसा करने से पितर नाराज हो सकते हैं।

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