Rajasthan: गहलोत ने कहा मैं तो पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहा था, लेकिन विधायकों को पायलट का सीएम बनना मंजूर नहीं था, मुझे बदनाम किया गया...

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से सचिन पायलट पर खुले में निशाना साधा है। उन्होंने मानेसर कांड से लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद और मुख्यमंत्री पद तक कई मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर उनके खिलाफ साजिश होने की बात कही है। इसी बीच, उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि 25 सितंबर की घटना बगावत नहीं थी, बल्कि विधायक पायलट के पक्ष में नहीं थे। गहलोत ने अपनी बात को पुख्ता करते हुए साफ किया कि जब भी सीएम बदलता है, विधायक नए चेहरे के साथ होते हैं, कभी भी हाईकमान ने मुख्यमंत्री बदलने को लेकर फैसला किया 90 फीसदी विधायक नए मुख्यमंत्री के साथ चले जाते हैं। लेकिन उस समय भी कोई नहीं गया।

विधायक नहीं जाना चाहते थे
मीडिया रिपोटर्स की माने तो गहलोत का इशारा इस ओर था कि जब पायलट का नाम सीएम की दौड़ में चल पड़ा था तो विधायकों ने बगावत क्यों की? साथ ही उन्होंने दावा किया कि पायलट नाम नहीं चल रहा था, बल्कि कुछ दोस्तों ने मीडिया में चलवा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, इनके खुद के लोगों ने चला दिया, ऐसा माहौल बन गया कि 100 लोग इकट्ठे हो गए, विधायकों ने कहा कि अशोक गहलोत अध्यक्ष बनने जा रहे हैं तो नया मुख्यमंत्री बने। लेकिन हमने जो वफादारी हाईकमान के साथ दिखाई और होटलों में बंद रहे हैं। हम में 100 लोग में से किसी को मुख्यमंत्री पद दे दीजिए। पायलट मंजूर नहीं है।  

मीडिया रिपोटर्स की माने तो बयान में गहलोत ने दावा किया कि विधायकों को पायलट का सीएम बनना मंजूर नहीं था। क्योंकि वो मानेसर जाने वाले विधायकों में शामिल थे। ऐसे में पार्टी के भीतर उन्हें लेकर सहमति नहीं थी, इसी घटनाक्रम को तोड़-मरोड़ कर पेश कर दिया गया कि आलाकमान के खिलाफ बगावत हुई है, अगर ऐसा होता तो क्या मैं मुख्यमंत्री रह पाता? ये तो आरोप लगाने वाले को समझना चाहिए।

अध्यक्ष पद के लिए क्या कहा
मीडिया रिपोटर्स की माने तो गहलोत ने कहा कि मैं कांग्रेस प्रेसिडेंट बन रहा था, कांग्रेस प्रेसिडेंट का पद जहाँ गांधी जी अध्यक्ष रहे हों, पंडित नेहरू रहे हों, मोतीलाल नेहरू रहे हों, कौन नहीं रहा? सरदार पटेल रहे हों, कांग्रेस प्रेसिडेंट मुझे बना रही हैं सोनिया गांधी और कांग्रेस, तो मैं मना करूँगा? मैं मना करूँगा?  वो तो स्थिति ऐसी बना दी, वो भी एक कॉन्सपिरेसी थी मेरे ख्याल से। मुझे लगता है वो एक बड़ी कॉन्सपिरेसी हुई। अचानक ही ऑब्ज़र्वर आ गए, अचानक ही तमाशा हो गया, बदनाम मैं हो गया।

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