Silver Price Crash: चांदी में तेज गिरावट, MCX पर ₹10,000 तक टूटा भाव; एक्सपर्ट्स ने दी वोलैटिलिटी की चेतावनी
- byrajasthandesk
- 08 Jan, 2026
Silver Price Crash: गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। MCX पर मार्च 2026 डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स इंट्राडे कारोबार में करीब ₹10,000 प्रति किलो तक टूट गई। बुधवार को चांदी का बंद भाव ₹2,50,605 प्रति किलो था, जो गुरुवार सुबह गिरकर ₹2,40,605 के निचले स्तर तक पहुंच गया। यह लगातार दूसरा दिन है जब चांदी में इतनी तेज बिकवाली देखी गई है।
दोपहर करीब 3:20 बजे MCX सिल्वर फ्यूचर्स ₹2,43,300 प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रही थी, जो एक दिन पहले के मुकाबले ₹7,000 से ज्यादा की गिरावट को दिखाता है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि प्रीशियस मेटल्स मार्केट में फिलहाल जबरदस्त वोलैटिलिटी बनी हुई है।
रीबैलेंसिंग से बढ़ा बिकवाली का दबाव
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चांदी में आई इस गिरावट की एक बड़ी वजह Bloomberg Commodity Index समेत बड़े कमोडिटी इंडेक्स की एनुअल रीबैलेंसिंग है। हर साल इंडेक्स अपने वेटेज को पिछले साल के परफॉर्मेंस के आधार पर एडजस्ट करते हैं।
2025 में प्रीशियस मेटल्स, खासकर चांदी में आई तेज रैली के बाद इस बार रीबैलेंसिंग का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
पैसिव फंड्स ने घटाई पोजिशन
इन इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड्स ने गुरुवार से चांदी में अपनी पोजिशन कम करनी शुरू कर दी है, ताकि नए वेटेज के मुताबिक पोर्टफोलियो को री-अलाइन किया जा सके। इसी वजह से सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि सोने में भी हल्का दबाव देखने को मिला।
रिकॉर्ड रैली के बाद करेक्शन
दिसंबर 2025 में चांदी ने सप्लाई टाइटनेस के चलते $83.60 प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई छुआ था। उस समय बाजार में जबरदस्त तेजी का माहौल था। लेकिन अब उसी तेज रैली के बाद करेक्शन देखने को मिल रहा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इतनी तेज बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग और टेक्निकल करेक्शन आना स्वाभाविक है।
HSBC की रिपोर्ट: तेजी अब टिकाऊ नहीं
HSBC ने अपनी ताजा रिपोर्ट में साफ कहा है कि चांदी की मौजूदा तेजी लंबे समय तक टिकाऊ नहीं लगती। बैंक के मुताबिक, ज्यादा वोलैटिलिटी के बीच चांदी की कीमतें अनसस्टेनेबल लेवल पर पहुंच चुकी हैं।
जहां सोना अब भी सेफ-हेवन डिमांड से सपोर्ट पा रहा है, वहीं चांदी की इंडस्ट्रियल और ज्वेलरी डिमांड में सुस्ती के संकेत दिख रहे हैं।
Silver Outlook 2026: आगे क्या कहते हैं अनुमान
HSBC की 2026 आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अगले साल के लिए चांदी का औसत प्राइस अनुमान बढ़ाकर $68.25 प्रति औंस कर दिया है, जो पहले $44.50 था।
हालांकि, बैंक का यह भी मानना है कि:
- 2027 में कीमतें $57 प्रति औंस तक फिसल सकती हैं
- 2029 तक यह $47 प्रति औंस के आसपास आ सकती हैं
यानि, लॉन्ग टर्म में तेजी पर दबाव बना रह सकता है।
मांग कमजोर, सप्लाई बढ़ने के संकेत
HSBC के मुताबिक, कमजोर अमेरिकी डॉलर और संस्थागत निवेश से चांदी को शॉर्ट टर्म में कुछ सपोर्ट मिल सकता है, लेकिन:
- इंडस्ट्रियल डिमांड धीरे-धीरे कमजोर हो रही है
- ऊंचे दामों के चलते ज्वेलरी की खपत पर असर पड़ा है
- माइन प्रोडक्शन, बाय-प्रोडक्ट रिकवरी और रीसाइक्लिंग बढ़ने से सप्लाई साइड मजबूत हो रही है
इन सभी फैक्टर्स का मिलाजुला असर कीमतों पर दबाव बना सकता है।
सप्लाई डेफिसिट घटने से बढ़ सकती है चिंता
रिपोर्ट के अनुसार,
- 2025 में सप्लाई डेफिसिट करीब 230 मिलियन औंस रहने का अनुमान है
- 2026 में यह घटकर 140 मिलियन औंस
- और 2027 में 59 मिलियन औंस तक आ सकता है
घटता डेफिसिट और ऊपर-ग्राउंड इन्वेंट्री में बढ़ोतरी से लंबे समय में चांदी की तेजी सीमित हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स का मानना है कि निकट अवधि में चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बदलते डिमांड-सप्लाई समीकरण और ग्लोबल फैक्टर्स के चलते मौजूदा रैली की टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यही वजह है कि चांदी से जुड़े स्टॉक्स, जैसे हिंदुस्तान जिंक, में भी हाल के दिनों में बिकवाली देखने को मिली है।






