1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून: 64 साल पुराना एक्ट खत्म, टैक्स समझना होगा आसान
- byrajasthandesk
- 11 Jan, 2026
देश का टैक्स सिस्टम अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। 1 अप्रैल से पूरे देश में इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो जाएगा, जिसके साथ ही 1961 का इनकम टैक्स कानून पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। यह कानून पिछले 64 वर्षों से टैक्स व्यवस्था की रीढ़ बना हुआ था।
सरकार का कहना है कि नया कानून राजस्व के लिहाज से न्यूट्रल है, यानी टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बदलाव का मकसद सिर्फ नियमों को सरल, स्पष्ट और विवाद-मुक्त बनाना है।
पुराने इनकम टैक्स एक्ट को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी
इनकम टैक्स एक्ट 1961 उस दौर में बना था जब देश की अर्थव्यवस्था शुरुआती चरण में थी। डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन कारोबार और आधुनिक फाइनेंशियल सिस्टम उस समय मौजूद नहीं थे।
समय के साथ कानून में सैकड़ों संशोधन किए गए, जिससे यह बेहद जटिल हो गया। सेक्शन, सब-सेक्शन और स्पष्टीकरण इतने बढ़ गए कि आम टैक्सपेयर्स के लिए इसे समझना मुश्किल हो गया। इसी जटिलता की वजह से टैक्स विवाद और कोर्ट केस भी बढ़ते गए।
इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने पूरे कानून को नए सिरे से तैयार करने का फैसला लिया।
इनकम टैक्स एक्ट 2025 की मुख्य विशेषताएं
नया कानून पुराने एक्ट की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत छोटा है। इसकी भाषा को सरल बनाया गया है और गैर-जरूरी नियमों को हटा दिया गया है।
- कानून की संरचना ज्यादा स्पष्ट
- बेवजह के रेफरेंस खत्म
- टैक्स विवादों में कमी की उम्मीद
- टैक्सपेयर्स के लिए बेहतर पारदर्शिता
असेसमेंट ईयर की छुट्टी, अब सिर्फ टैक्स ईयर
अब तक टैक्स फाइलिंग में असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर को लेकर भ्रम बना रहता था। नए कानून में यह झंझट खत्म कर दिया गया है। अब सिर्फ टैक्स ईयर की अवधारणा होगी, जिससे रिटर्न फाइल करना और आसान हो जाएगा।
लेट ITR फाइल करने वालों को राहत
नए कानून में यह प्रावधान किया गया है कि अगर कोई टैक्सपेयर तय समय के बाद भी ITR फाइल करता है, तो उसे TDS रिफंड मिल सकेगा। कुछ मामलों में इसके लिए अतिरिक्त पेनल्टी भी नहीं लगेगी। यह सुविधा खासतौर पर सैलरीड और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए राहत लेकर आएगी।
बजट के सभी बदलाव नए कानून में होंगे शामिल
सरकार ने साफ किया है कि बजट 2026-27 और आगे आने वाले सभी टैक्स बदलाव इसी नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत किए जाएंगे। इस कानून को अगस्त 2025 में संसद और राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। अब इसके नियम और फॉर्म जल्द नोटिफाई किए जाएंगे।
इनकम टैक्स एक्ट 2025 का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाना है। टैक्स की दरें वही रहेंगी, लेकिन अब टैक्स समझना और फाइल करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा।






