Tiger Shroff Firing Case: लॉरेंस बिश्नोई गैंग कैसे सोशल मीडिया स्क्रीनशॉट के जरिए खेल रहा है 'माइंड गेम'? पुलिस से बचने का नया पैंतरा आया सामने

pc: anandabazar

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के बाद एक बार फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है। इस मामले में गैंग द्वारा सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया, लेकिन खास बात यह है कि ओरिजिनल पोस्ट की बजाय केवल स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आईपी एड्रेस (IP Address) और लोकेशन ट्रेसिंग से बचने के लिए गैंग अब सीधे पोस्ट करने के बजाय स्क्रीनशॉट वायरल करने की नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर इससे पलटा जा सके। आइए जानते हैं इस पूरी रणनीति की खास बातें:

क्यों अपनाई जा रही है स्क्रीनशॉट वाली रणनीति?
पुलिस की ट्रैकिंग से बचना:
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले बिश्नोई गैंग जिस आईडी से पोस्ट करता था, पुलिस उसके आईपी एड्रेस को ट्रैक करके आरोपियों की लोकेशन और ओरिजिनल सोर्स का पता लगा लेती थी। इसी से बचने के लिए अब अपराधियों ने अपने तरीके बदल लिए हैं।

ओरिजिनल पोस्ट और अकाउंट तुरंत डिलीट:
नया पैंतरा यह है कि एक अनजान या नई आईडी से जिम्मेदारी का पोस्ट किया जाता है, उसका स्क्रीनशॉट लिया जाता है और तुरंत उस अकाउंट व पोस्ट को डिलीट कर दिया जाता है। इसके बाद केवल स्क्रीनशॉट या ऑडियो क्लिप्स को सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है।

कानूनी शिकंजे से बचने का रास्ता:
चूंकि सोशल मीडिया पर सिर्फ स्क्रीनशॉट और वायरल वीडियो का यूआरएल (URL) या डायरेक्ट लिंक नहीं मिल पाता, इसलिए कानूनी और डिजिटल सबूत के तौर पर इसकी वैल्यू कम हो जाती है। इससे आरोपियों को बाद में मुकरने का मौका मिल जाता है।

दहशत फैलाना और 'पावर' दिखाना मुख्य मकसद
खौफ का माहौल: सलमान खान और रोहित शेट्टी के मामलों की तरह ही, टाइगर श्रॉफ के मामले में भी गैंग का मकसद सिर्फ हमला करना नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में अपनी धमक और खौफ कायम करना है।

राजस्थान से गिरफ्तारियां: इस मामले में तेजी दिखाते हुए पुलिस ने सोमवार सुबह राजस्थान से दो लोगों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है, जबकि मुंबई पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।