VVIP Flight: डीजीसीए की नई गाइडलाइन, उडान के दौरान पायलट पर दबाव नहीं डाल सकेंगे नेता...मनना होगा...

इंटरनेट डेस्क। एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने वीवीआईपी और चुनावी उड़ानों के लिए सुरक्षा नियमों की नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य रैलियों और वीआईपी दौरों के दौरान होने वाले हादसों पर लगाम लगाना है। इन नियमों की सबसे खास बात यह है कि अब कोई भी वीवीआईपी या नेता विमान संचालन को लेकर पायलट पर किसी भी तरह का दबाव नहीं बना सकेगा।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो दस्तावेजों के मुताबिक, अब वीवीआईपी उड़ानों की कमान सिर्फ मंझे हुए पायलटों के हाथ में होगी। अनुभव के मानकों को बढ़ाकर काफी सख्त कर दिया गया है। इस नए आदेश में एक महत्वपूर्ण प्रावधान अंडरटेकिंग का है। अब गणमान्य व्यक्तियों को एक विशेष पैम्फलेट दिया जाएगा, यह एक तरह की लिखित सहमति होगी कि वे पायलट, इंजीनियर और फ्लाइट डिस्पैचर द्वारा लिए गए पेशेवर फैसलों का सम्मान करें। निर्देश स्पष्ट है, प्रोग्राम में किसी भी बदलाव के लिए सीधे पायलट से बात करने के बजाय ऑपरेटर के मैनेजमेंट से संपर्क करना होगा, ताकि पायलट पर कोई मानसिक दबाव न बने।

अक्सर चुनावी रैलियों के दौरान समय बचाने के लिए पायलटों पर जल्दी उड़ान भरने या खराब मौसम में रिस्क लेने का दबाव डाला जाता है। नए नियम साफ करते हैं कि उड़ान जारी रखने, उसे डायवर्ट करने या रद्द करने का अंतिम अधिकार सिर्फ और सिर्फ पायलट का होगा। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी। यदि कोई वीआईपी या उनका सहायक पायलट के काम में हस्तक्षेप करता है, तो इसे सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

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