“इसके बाद हमारा क्या होगा?” फांसी की सजा सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगे मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड के दोषी साहिल और मुस्कान!

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चर्चित मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में बुधवार को अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। मेरठ कोर्ट के जज अरविंद कुमार मिश्र ने इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी साहिल शुक्ल और मृतक सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी—दोनों को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है। अदालत का यह कड़ा फैसला सामने आने के बाद जेल के अंदर की स्थिति पूरी तरह बदल गई है।  

फैसला सुनते ही बेसुध हुए दोषी, बार-बार पूछ रहे एक ही सवाल

​सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट से फांसी की सजा मिलने के बाद से ही दोनों आरोपियों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। वे लगातार रोए जा रहे हैं और बार-बार जेल अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते हुए एक ही सवाल पूछ रहे हैं—“इसके बाद हमारा क्या होगा?” सदमे और डर की वजह से दोनों ने जेल के अंदर कुछ भी खाना-पीना छोड़ दिया है।

​जेल के अंदर बढ़ाई गई सुरक्षा और विशेष इंतजाम
​मौत की सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन ने दोनों की सुरक्षा और निगरानी बेहद कड़ी कर दी है:

​नए कैदी नंबर: कोर्ट के आदेश के बाद साहिल को 395 और मुस्कान को 396 नया कैदी नंबर दिया गया है।
​अलग-अलग कुटूरी और विशेष पोशाक: दोनों को अलग-अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक (कुठुरी) में रखा गया है। फांसी की सजा पाए कैदियों के नियमों के अनुसार, साहिल के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा और मुस्कान के लिए क्रीम रंग के कपड़े (सلوار/साड़ी) तय किए गए हैं।

​24 घंटे निगरानी: दोनों की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर जेल के डॉक्टर और अधिकारी लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं।
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क्या था पूरा मामला?

​बीते साल यानी 3 मार्च 2025 को मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट से सील कर दिया गया था। इस खौफनाक वारदात में मृतक की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल का नाम सामने आया था। करीब 126 सुनवाई और 22 गवाहों के बयानों के बाद आखिरकार अदालत ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया।