हार्दिक पांड्या का प्लास्टिक बॉल से खेलने का कारण क्या है? वह बेंगलुरु COE में ऐसा क्यों कर रहे हैं? जानें

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पिछले कुछ दिनों से भारतीय टीम चोटों से परेशान है। इस वजह से टीम बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जब कोई खिलाड़ी चोट की वजह से बाहर होता है, तो उसकी जगह भरना मुश्किल हो जाता है। कप्तान शुभमन गिल से लेकर जसप्रीत बुमराह और हर्षित राणा जैसे ऑलराउंडर चोट से जूझ रहे हैं। लेकिन ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के चोटिल होने से टीम इंडिया की टेंशन बढ़ गई है। क्योंकि ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या बैटिंग और बॉलिंग दोनों में योगदान देते हैं। उनमें मैच जिताने की काबिलियत भी है। इसलिए टीम से उनका बाहर होना और उनका रिप्लेसमेंट मुश्किल लग रहा है। हार्दिक पांड्या IPL 2026 टूर्नामेंट के बाद से मैदान से दूर हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में हार्दिक की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। वह अपनी काबिलियत बढ़ाने के लिए बैंगलोर में प्रैक्टिस भी कर रहे हैं।

हार्दिक पांड्या की फिटनेस के बारे में क्या?

Revsports की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक पांड्या अपनी फिटनेस सुधारने के लिए मुंबई से बैंगलोर आ गए हैं। पिछले कुछ दिनों से वह बैंगलोर में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं। हार्दिक पंड्या हर दिन 12 ओवर तक बॉलिंग कर रहे हैं। हार्दिक पंड्या हर शाम करीब 3 से 4 घंटे प्रैक्टिस करते हैं। उनका मेन फोकस धीरे-धीरे अपना बॉलिंग वर्कलोड बढ़ाने पर है। ताकि टीम में वापस आने के बाद वह फिट और फाइन रहें।

हार्दिक पंड्या प्लास्टिक बॉल से खेलते हैं!

कई लोगों ने हैरानी जताई है कि हार्दिक पंड्या अपनी फिटनेस पर काम करते हुए प्लास्टिक बॉल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। लेकिन ऐसा करने के पीछे एक खास वजह है। प्लास्टिक बॉल के सामने बैटिंग करना उतना आसान नहीं है जितना लगता है। यह बॉल बहुत तेजी से स्विंग होती है। साथ ही, अगर इसे कंक्रीट या मिट्टी पर फेंका जाए, तो यह तेजी से आती है। ऐसे में इसका सामना करते समय सोचने का समय नहीं मिलता। इस प्रैक्टिस से आंख तेज होती है और बैटिंग रिफ्लेक्स बेहतर होते हैं। हार्दिक पंड्या की प्रैक्टिस से बॉल को हिट करने की स्पीड और बढ़ेगी। इसलिए, उनकी यह प्रैक्टिस भारत के लिए फायदेमंद है।