Women Health: UTI इन्फेक्शन क्या है? जानें इसके पीछे के कारण और उपाय, ना करें नजरअंदाज

PC: navarashtra

सभी महिलाएं हमेशा अपनी हेल्थ को नज़रअंदाज़ करती हैं। रिश्ते, घर के काम, मेंटल स्ट्रेस, परिवार की ज़िम्मेदारियां वगैरह कई चीज़ों की वजह से महिलाएं हमेशा अपनी हेल्थ पर ठीक से ध्यान नहीं दे पातीं। उम्र बढ़ने के साथ महिलाएं आसानी से किसी भी बीमारी से इंफेक्टेड हो जाती हैं। शरीर में गंभीर बीमारियों के इंफेक्शन के बाद शुरुआती लक्षण नहीं दिखते, लेकिन समय के साथ शरीर में कई बदलाव होते हैं। लेकिन महिलाएं इन बदलावों को भी नज़रअंदाज़ कर देती हैं। महिलाओं में देखी जाने वाली मुख्य समस्या UTI है। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के बाद इसका असर शरीर के हर छोटे-बड़े अंग पर तुरंत दिखने लगता है। किडनी, यूरेटर, ब्लैडर और यूरेथ्रा इंफेक्टेड हो जाते हैं।

UTI इंफेक्शन मुख्य रूप से यूरिनरी ट्रैक्ट में होता है, लेकिन अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो इसके किडनी तक फैलने का ज़्यादा चांस होता है। इसलिए, यूरिन में होने वाले बदलावों और बार-बार बुखार को नज़रअंदाज़ न करें, समय पर इलाज करवाएं और अपनी हेल्थ का ध्यान रखें। UTI इंफेक्शन मुख्य रूप से महिलाओं में होता है। आज हम आपको डिटेल में बताएंगे कि UTI क्या है? UTI के कारण क्या हैं? UTI इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं।

UTI इन्फेक्शन के कारण:
रोज़ाना के खाने-पीने में बदलाव, पानी की कमी और अंदरूनी सेहत का ठीक से ध्यान न रखने से UTI इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। दिन में 3 लीटर से कम पानी पीने से शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलने के बजाय जमा हो जाते हैं। इससे नाजुक अंगों को नुकसान पहुंचता है। हमेशा कहा जाता है कि ज़्यादा देर तक पेशाब रोकना बीमारी को बुलावा देना है। सेक्स के बाद साफ़-सफ़ाई न रखने, टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनने, ज़्यादा देर तक गीले अंडरवियर पहनने वगैरह से जर्म्स बढ़ते हैं। कम इम्यूनिटी, प्रेग्नेंसी, हार्मोनल बदलाव, मेनोपॉज़, किडनी स्टोन या कैथेटर का ज़्यादा इस्तेमाल UTI इन्फेक्शन को बढ़ाता है और सेहत खराब करता है।

UTI इन्फेक्शन के लक्षण:
बार-बार पेशाब जाना
हर बार थोड़ा-थोड़ा पेशाब आना
पेशाब करते समय जलन और दर्द बढ़ना
पेशाब का रंग गहरा होना।
अगर आपको कमर दर्द, थकान या हल्का बुखार जैसे लक्षण महसूस होने लगें, तो आपको उन्हें नज़रअंदाज़ किए बिना तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

UTI इन्फेक्शन का खतरा किसे ज़्यादा होता है:
महिलाएं हमेशा अपने शरीर में दिखने वाले लक्षणों को नज़रअंदाज़ करती हैं। लेकिन, ऐसा करने से बीमारियों का खतरा कम होने के बजाय और भी बढ़ जाता है। डायबिटीज, किडनी की बीमारी वाले लोगों और प्रेग्नेंट महिलाओं में UTI इन्फेक्शन का खतरा ज़्यादा होता है। डायबिटीज के मरीज़ों में कोई भी इन्फेक्शन तेज़ी से बढ़ता है। साथ ही, अगर लगातार नज़रअंदाज़ किया जाए तो यह इन्फेक्शन खून में भी फैल सकता है।