8वां वेतन आयोग 2026: क्या 60% महंगाई भत्ता बनेगा फिटमेंट फैक्टर का आधार?

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। जनवरी–जून 2026 के लिए 2% DA बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जिसके बाद कुल महंगाई भत्ता लगभग 60.34% तक पहुंच सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या यही 60% DA नए फिटमेंट फैक्टर की गणना का आधार बनेगा?

8वें वेतन आयोग ने शुरू किया काम

8th Central Pay Commission ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। इससे साफ है कि आयोग ने औपचारिक रूप से काम शुरू कर दिया है। हालांकि अंतिम सिफारिशें आने में कुछ महीने लग सकते हैं।

इसके लागू होने पर लाखों कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में बढ़ोतरी होगी।

क्यों महत्वपूर्ण है 60% DA?

श्रम ब्यूरो के अनुसार दिसंबर 2025 का CPI-IW इंडेक्स 148.2 रहा है। इसके आधार पर 2% DA बढ़ोतरी की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो 7th Central Pay Commission के तहत कुल DA 60.34% तक पहुंच जाएगा।

2016 में जब 7वां वेतन आयोग लागू हुआ था, तब 125% DA को फिटमेंट कैलकुलेशन का आधार माना गया था। यदि वही तरीका दोहराया जाता है, तो 60% DA नए वेतन निर्धारण का बेस बन सकता है।

7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था?

7वें CPC ने 2.57 का समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया था।

  • न्यूनतम सैलरी ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 की गई
  • सभी कर्मचारियों पर समान गुणक लागू किया गया

8वें वेतन आयोग में कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर?

अगर 2016 में बेसिक सैलरी 100 थी, तो आज DA बढ़ोतरी जोड़ने के बाद यह लगभग 160 के बराबर है। इसका मतलब न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम नहीं होना चाहिए।

लेकिन कई कारण इसे और अधिक बना सकते हैं:

  • कोविड के दौरान 18 महीने DA फ्रीज रहा
  • रिपोर्ट लागू होने में संभावित देरी
  • महंगाई और आर्थिक दबाव

अंतिम फैसला किन बातों पर होगा?

फिटमेंट फैक्टर तय करते समय आयोग निम्न बिंदुओं पर विचार करेगा:

  • सरकार की वित्तीय स्थिति
  • देश की आर्थिक वृद्धि दर
  • महंगाई का रुझान
  • कर्मचारियों का मनोबल
  • वेतन संतुलन

इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर अंतिम सिफारिश दी जाएगी।

फिलहाल कर्मचारियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा, लेकिन 60% DA निश्चित रूप से चर्चा का मुख्य आधार बना हुआ है।