Dasha Mata Vrat 2026: जाने किस दिन रखा जाएगा दशा माता का व्रत, क्या हैं इसके नियम और विधि

इंटरनेट डेस्क। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशा माता व्रत रखा जाता है। देश के कई राज्यों में महिलाएं इस व्रत को करती है। बताया जाता हैं कि यह व्रत व्यक्ति की खराब दशा को सुधारने वाला व्रत है, इस व्रत में दशा माता की पूजा की जाती है, मान्यता है कि दशा माता की पूजा करने से गरीबी दूर होती है, अशुभ ग्रहों की दशा शांत होती है, तो आज जान लेते हैं व्रत कब हैं। 

किस दिन रखा जाएगा व्रत
13 मार्च 2026 पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण दशमी तिथि 13 मार्च 2026 की सुबह 6 बजकर 28 मिनट से प्रारंभ होगी और अगले दिन यानी 14 मार्च 2026 की सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर दशा माता का व्रत 13 मार्च 2026, शुक्रवार को किया जाएगा।

दशा माता व्रत नियम 
दशा माता व्रत सुहागिन महिलाएं रखती हैं, इस व्रत में नमक का सेवन नहीं किया जाता है, हालांकि पूजा के बाद व्रती महिला एक बार बिना नमक का भोजन कर सकती है। लेकिन एक बार यह व्रत ले लिया तो इसे जीवन भर करना होता है क्योंकि दशा माता व्रत का उद्यापन नहीं किया जाता है। 

दशा माता व्रत पूजा विधि 
दशा माता की पूजा के लिए सौभाग्यवती महिलाएं कच्चे सूत का 10 तार का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठ लगाती हैं। फिर उसे हल्दी से रंगती हैं, इसके बाद पीपल वृक्ष की प्रदक्षिणा करती हैं, साथ ही विधि-विधान से पूजा करके पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर ही नल-दमयंती की कथा सुनती हैं, इसके बाद अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कच्चा सूत अपने गले में बांध लेती हैं।

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