Digital Life Certificate 2026: पेंशनर्स 30 नवंबर तक जरूर निपटा लें यह काम, वरना रुक सकती है पेंशन
- byrajasthandesk
- 08 Nov, 2026
Digital Life Certificate Deadline 2026: अगर आप सरकारी पेंशन प्राप्त करते हैं, तो नवंबर का महीना आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने पेंशनभोगियों के वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 5.0 शुरू किया है। इस अभियान के तहत पात्र पेंशनर्स घर बैठे स्मार्टफोन की मदद से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, वार्षिक सत्यापन के लिए 30 नवंबर 2026 महत्वपूर्ण अंतिम तारीख है। समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं करने से पेंशन भुगतान में रुकावट आ सकती है। आइए जानते हैं कौन-कौन से पेंशनर्स को यह प्रक्रिया पूरी करनी है, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और मोबाइल से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कैसे बनाया जा सकता है।
क्या है डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 5.0?
केंद्र सरकार ने बुजुर्ग पेंशनभोगियों को वार्षिक सत्यापन की प्रक्रिया में राहत देने के उद्देश्य से Digital Life Certificate Campaign 5.0 शुरू किया है।
इस अभियान का संचालन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस अभियान का शुभारंभ किया।
यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
इसका उद्देश्य पेंशनर्स को डिजिटल तकनीक के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बार-बार बैंक शाखाओं या सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अभियान के दौरान देशभर में विभिन्न स्थानों पर पेंशनभोगियों की सहायता के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?
सरकारी पेंशन प्राप्त करने वाले पात्र लाभार्थियों को निर्धारित अवधि में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है।
यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि पेंशन प्राप्त करने वाला व्यक्ति जीवित है।
पेंशन वितरण करने वाली संस्थाएं इसी सत्यापन के आधार पर अपने रिकॉर्ड अपडेट करती हैं।
पहले कई पेंशनर्स को इस प्रक्रिया के लिए बैंक या संबंधित कार्यालय जाना पड़ता था।
लेकिन अब जीवन प्रमाण यानी Jeevan Pramaan प्रणाली के माध्यम से डिजिटल तरीके से भी सत्यापन किया जा सकता है।
सफल सत्यापन के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र संबंधित पेंशन वितरण प्राधिकरण को इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है।
Digital Life Certificate 2026: किसके लिए क्या है अंतिम तारीख?
वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया में उम्र के आधार पर अलग-अलग शुरुआती तारीखें निर्धारित की गई हैं।
| पेंशनर्स की श्रेणी | प्रमाण पत्र जमा करने की शुरुआत | महत्वपूर्ण अंतिम तारीख |
|---|---|---|
| 80 वर्ष और उससे अधिक आयु | 1 अक्टूबर 2026 | 30 नवंबर 2026 |
| 80 वर्ष से कम आयु | 1 नवंबर 2026 | 30 नवंबर 2026 |
| डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 5.0 | 1 नवंबर 2026 | 30 नवंबर 2026 |
ये तारीखें उपलब्ध रिपोर्ट में वर्णित वार्षिक सत्यापन कार्यक्रम पर आधारित हैं।
पेंशनर्स को अपने संबंधित बैंक, पेंशन विभाग या पेंशन प्रशासन प्रणाली के विशेष निर्देश भी जांचने चाहिए।
किन पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा?
वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र की आवश्यकता उन पात्र लाभार्थियों पर लागू होती है, जो संबंधित सरकारी पेंशन व्यवस्थाओं के अंतर्गत भुगतान प्राप्त करते हैं।
इसमें लागू केंद्रीय और राज्य सरकार की पेंशन व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं।
इसके अलावा, रक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को भी अपनी संबंधित पेंशन प्रणाली के नियमों के अनुसार वार्षिक सत्यापन करना होता है।
रक्षा पेंशनर्स के लिए SPARSH यानी System for Pension Administration (Raksha) महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है।
हालांकि, अलग-अलग पेंशन व्यवस्थाओं में जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के तरीके और प्रशासनिक नियम अलग हो सकते हैं।
इसलिए अपनी पेंशन वितरण संस्था द्वारा स्वीकार किए जाने वाले माध्यम का ही इस्तेमाल करें।
अब घर बैठे मोबाइल से बनवा सकते हैं जीवन प्रमाण पत्र
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सबसे उपयोगी सुविधाओं में Aadhaar आधारित Face Authentication शामिल है।
इस तकनीक की मदद से पात्र पेंशनर्स स्मार्टफोन के कैमरे के जरिए अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं।
इसके लिए हर बार बैंक जाना या अलग फिंगरप्रिंट स्कैनर का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं होता।
Jeevan Pramaan और Aadhaar Face RD तकनीक की मदद से चेहरे का डिजिटल सत्यापन किया जाता है।
इसके बाद जरूरी पेंशन जानकारी सही होने और सत्यापन सफल होने पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार हो सकता है।
यह सुविधा विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी है, जिन्हें चलने-फिरने में परेशानी होती है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने से पहले पेंशनर्स को अपनी जरूरी जानकारी तैयार रखनी चाहिए।
इसके लिए सामान्यतः निम्न विवरणों की आवश्यकता होती है:
- आधार नंबर
- Pension Payment Order यानी PPO नंबर
- पेंशन से संबंधित बैंक खाते की जानकारी
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- संबंधित पेंशन वितरण प्राधिकरण का विवरण
- कैमरे और इंटरनेट वाला संगत स्मार्टफोन
ध्यान रखें कि आवेदन में दर्ज जानकारी संबंधित पेंशन रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए।
गलत PPO नंबर, बैंक खाते या पेंशन प्राधिकरण का विवरण दर्ज करने से प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है।
मोबाइल से Digital Life Certificate कैसे बनाएं?
यदि आपके पास उपयुक्त स्मार्टफोन है, तो आप Jeevan Pramaan की आधिकारिक सुविधा के माध्यम से घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कर सकते हैं।
इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स अपनाएं।
स्टेप 1: जरूरी ऐप डाउनलोड करें
सबसे पहले आधिकारिक स्रोत से Jeevan Pramaan Face ऐप और Aadhaar Face RD ऐप डाउनलोड करें।
सुनिश्चित करें कि आपका स्मार्टफोन फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा को सपोर्ट करता है।
स्टेप 2: Jeevan Pramaan ऐप खोलें
अब ऐप खोलकर स्क्रीन पर दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें।
यदि शुरुआती रजिस्ट्रेशन या ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन की आवश्यकता हो, तो उसे पूरा करें।
स्टेप 3: आधार की जानकारी दर्ज करें
इसके बाद पेंशनभोगी का आधार नंबर और मांगी गई पहचान संबंधी जानकारी भरें।
आगे बढ़ने से पहले दर्ज विवरण अच्छी तरह जांच लें।
स्टेप 4: PPO और बैंक विवरण भरें
अब अपना Pension Payment Order नंबर, पेंशन से संबंधित बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
जहां आवश्यक हो, संबंधित पेंशन वितरण संस्था का चयन करें।
स्टेप 5: चेहरे से पहचान सत्यापित करें
अब ऐप के निर्देशों के अनुसार स्मार्टफोन का कैमरा पेंशनभोगी के चेहरे के सामने रखें।
सुनिश्चित करें कि चेहरे पर पर्याप्त रोशनी पड़ रही हो और कैमरे में चेहरा स्पष्ट दिखाई दे रहा हो।
इसके बाद आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
स्टेप 6: प्रमाण पत्र बनने की पुष्टि प्राप्त करें
सत्यापन सफल होने के बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार किया जा सकता है।
इसके बाद सामान्यतः पंजीकृत संपर्क नंबर पर SMS के माध्यम से Pramaan ID की जानकारी मिलती है।
स्टेप 7: Pramaan ID सुरक्षित रखें
प्रमाण पत्र बनने के बाद प्राप्त Pramaan ID को सुरक्षित रखें।
भविष्य में प्रमाण पत्र की जानकारी प्राप्त करने या संबंधित विवरण जांचने के लिए इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
Pramaan ID क्या है और इसका क्या उपयोग है?
जब किसी पेंशनभोगी का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सफलतापूर्वक तैयार होता है, तो उससे संबंधित एक रेफरेंस नंबर जारी किया जाता है।
इसे Pramaan ID कहा जाता है।
यह नंबर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की पहचान के लिए उपयोग किया जाता है।
ध्यान रखें कि Pramaan ID और PPO नंबर अलग-अलग होते हैं।
PPO नंबर पेंशन रिकॉर्ड से संबंधित होता है, जबकि Pramaan ID डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ा होता है।
इसलिए दोनों नंबरों को सुरक्षित रखना उपयोगी है।
क्या ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के बाद बैंक जाना जरूरी है?
Jeevan Pramaan प्रणाली का एक प्रमुख फायदा यह है कि डिजिटल प्रमाण पत्र संबंधित भागीदार पेंशन वितरण संस्थाओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराया जा सकता है।
इसलिए कई पेंशनर्स को सफल डिजिटल सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र की प्रिंट कॉपी बैंक में जमा कराने की आवश्यकता नहीं होती।
हालांकि, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवेदन में पेंशन संबंधी जानकारी सही दर्ज हुई है और संबंधित पेंशन प्राधिकरण ने प्रमाण पत्र स्वीकार किया है।
यदि सत्यापन दर्ज नहीं हुआ है या कोई त्रुटि दिखाई देती है, तो संबंधित बैंक या पेंशन वितरण संस्था से संपर्क करना चाहिए।
Face Authentication काम नहीं कर रहा तो क्या करें?
कुछ पेंशनर्स को चेहरे से पहचान सत्यापित करने में तकनीकी परेशानी आ सकती है।
इसके पीछे स्मार्टफोन की अनुकूलता, कैमरे की गुणवत्ता, रोशनी या दूसरी तकनीकी वजहें हो सकती हैं।
ऐसी स्थिति में पहले पर्याप्त रोशनी वाले स्थान पर दोबारा प्रयास करें।
यदि समस्या बनी रहती है, तो किसी अधिकृत सेवा केंद्र की सहायता ली जा सकती है।
Jeevan Pramaan प्रणाली में समर्थित केंद्रों पर फिंगरप्रिंट या आइरिस आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।
इससे उन पेंशनर्स को मदद मिल सकती है, जिनके पास संगत स्मार्टफोन नहीं है।
क्या बिना स्मार्टफोन के भी जीवन प्रमाण पत्र बन सकता है?
जी हां। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के लिए हर पेंशनभोगी के पास अपना स्मार्टफोन होना जरूरी नहीं है।
पात्र पेंशनर्स अधिकृत सेवा केंद्रों पर जाकर उपलब्ध बायोमेट्रिक सुविधाओं के माध्यम से सत्यापन करवा सकते हैं।
ऐसे केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मचारी जरूरी जानकारी दर्ज करने और पहचान सत्यापन में सहायता कर सकते हैं।
यह सुविधा विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए उपयोगी है, जो मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं।
80 साल से अधिक उम्र के पेंशनर्स को क्यों मिली अतिरिक्त सुविधा?
सरकार ने 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया पहले शुरू करने की व्यवस्था की है।
इस श्रेणी के पेंशनर्स 1 अक्टूबर से ही वार्षिक सत्यापन कर सकते हैं।
वहीं, 80 वर्ष से कम आयु के पेंशनर्स के लिए सामान्य प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होती है।
अतिरिक्त समय देने का उद्देश्य अधिक उम्र के पेंशनभोगियों को सुविधा प्रदान करना है।
इससे उन्हें परिवार के सदस्यों या अधिकृत सेवा प्रदाताओं की सहायता लेने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है।
30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं किया तो क्या होगा?
यदि कोई पेंशनभोगी निर्धारित समय में जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करता है, तो उसकी पेंशन के भुगतान पर असर पड़ सकता है।
संबंधित पेंशन वितरण संस्था के नियमों के अनुसार, आवश्यक सत्यापन पूरा होने तक भुगतान अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि पेंशन पाने का मूल अधिकार अपने आप स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगा।
सत्यापन पूरा होने में देरी से पेंशन भुगतान में अनावश्यक परेशानी हो सकती है।
इसलिए पेंशनर्स को निर्धारित तारीख से पहले प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
यदि समय सीमा निकल गई है, तो संबंधित पेंशन वितरण संस्था से संपर्क करके देर से प्रमाण पत्र जमा करने और भुगतान बहाल कराने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन सत्यापन के दौरान पेंशनर्स को साइबर सुरक्षा से संबंधित सावधानियां भी अपनानी चाहिए।
सबसे पहले केवल आधिकारिक ऐप और अधिकृत सेवा माध्यमों का इस्तेमाल करें।
किसी अनजान वेबसाइट से पेंशन सत्यापन के नाम पर ऐप डाउनलोड करने से बचें।
अपना आधार OTP, बैंकिंग पासवर्ड या दूसरी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं।
यदि परिवार का कोई सदस्य बुजुर्ग पेंशनर की सहायता कर रहा है, तो ऐप और सेवा प्रदाता की प्रामाणिकता जरूर जांचें।
सत्यापन पूरा होने के बाद प्राप्त SMS और Pramaan ID को सुरक्षित रखें।
पेंशनर्स के लिए जरूरी आधिकारिक वेबसाइट
| आधिकारिक प्लेटफॉर्म | उपयोग |
|---|---|
| Jeevan Pramaan | डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से संबंधित जानकारी और सेवाएं |
| Pensioners' Portal | केंद्र सरकार के पेंशनर्स के लिए जानकारी |
| SPARSH | रक्षा पेंशन प्रशासन और संबंधित सेवाएं |
पेंशनर्स को अपनी पेंशन व्यवस्था के अनुसार लागू नियमों और स्वीकार किए जाने वाले सत्यापन माध्यम की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
Digital Life Certificate Campaign 5.0 का उद्देश्य पेंशनर्स के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चल रहा है।
80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनर्स को 1 अक्टूबर से ही प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा दी गई है।
आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से पात्र पेंशनर्स घर बैठे स्मार्टफोन के जरिए सत्यापन कर सकते हैं।
इसलिए जिन पेंशनभोगियों का वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र अभी जमा नहीं हुआ है, उन्हें अपनी पेंशन व्यवस्था के अनुसार लागू अंतिम तारीख से पहले प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।





