Nepal: नेपाल में जलप्रलय से भयानक तबाही, 133 भारतीयों समेत 1000 लोग लापता, 160 की मौत, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बहे, इमारते हुई तबाह
- byShiv
- 27 Aug, 2026
इंटरनेट डेस्क। नेपाल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। यह तबाही पहाड़ों में किसी बड़ी झील के फट जाने के बाद आई। नेपाल के इस मंजर ने एक बार फिर से भारत में 2013 में केदारनाथ में आई प्रलय की यादे ताजा कर दी है। बताया जा रहा रहा हैं की नेपाल आई इस प्रलय में अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी हैं और 1000 से उपर लोग अभी भी लापता है।

कहा आई हैं ये विनाशकारी प्रलय
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस भीषण फ्लैश फ्लड में करीब 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 133 भारतीय नागरिकों समेत 1000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई विदेशी भी शामिल है। बाढ़ की चपेट में आने से परिवहन और संचार व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बाढ़ के तेज बहाव में बह गए, जिससे कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व समेत अन्य जिलों तक पहुंच गया। इससे काठमांडू से करीब 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाके प्रभावित हुए है।
कैसे आई तबाही
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के अनुसार, तबाही की शुरुआत रसुवागढ़ी बॉर्डर के पास ग्लेशियर वाले इलाके से हुई। यहां बर्फ और बड़ी चट्टान का एक विशाल टुकड़ा टूटकर नीचे गिर गया। यह हिमस्खलन या तो किसी ग्लेशियर झील में जा गिरा या फिर उसने नदी के बहाव को पूरी तरह रोक दिया।
सैलाइट तस्वीरों ने दिखाई तबाही की भयावहता
इसके बाद जब पानी और बर्फ का वह भयानक सैलाब मलबे के साथ नीचे की ओर बढ़ा, तो ल्हेंदे खोला से होता हुआ सीधे भोटेकोशी नदी में जा मिला और चारों तरफ तबाही फैल गई। 25 और 26 अगस्त की सैलाइट तस्वीरों में बाढ़ से पहले और बाद के हालात का अंतर साफ तौर पर देखा जा सकता है, जो तबाही की भयावहता को बयां कर रहा है।
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