6 जनवरी 2026 का पंचांग: पौष शुक्ल तृतीया, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग भी कहा जाता है, समय और काल की सटीक गणना का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके आधार पर शुभ कार्यों की योजना बनाई जाती है और अशुभ समय से बचा जाता है। पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग, वार और ग्रहों की स्थिति की पूरी जानकारी देता है।

पंचांग के अनुसार मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। यह तिथि रात 2:55 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेंगे। साथ ही आयुष्मान योग और विशाखा नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसे शुभ फल देने वाला माना जाता है।

दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

आयुष्मान योग को स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफलता का प्रतीक माना जाता है। वहीं विशाखा नक्षत्र व्यक्ति को लक्ष्य के प्रति केंद्रित और दृढ़ बनाता है। यह दिन योजनाबद्ध कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

हालांकि, शुभ कार्यों से पहले शुभ मुहूर्त और राहुकाल का ध्यान रखना आवश्यक होता है।

6 जनवरी 2026 का शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक

यह समय नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण फैसलों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

राहुकाल का समय (शुभ कार्यों के लिए वर्जित)

  • दिल्ली: शाम 5:38 से 7:23 बजे तक
  • मुंबई: शाम 5:40 से 7:20 बजे तक
  • चंडीगढ़: शाम 5:44 से 7:30 बजे तक
  • लखनऊ: शाम 5:20 से 7:04 बजे तक
  • भोपाल: शाम 5:28 से 7:10 बजे तक
  • कोलकाता: शाम 4:44 से 6:25 बजे तक
  • अहमदाबाद: शाम 5:47 से 7:29 बजे तक
  • चेन्नई: शाम 5:02 से 6:39 बजे तक

आज के पंचांग की मुख्य जानकारी

  • वार: मंगलवार
  • तिथि: शुक्ल तृतीया (रात 2:55 बजे तक)
  • नक्षत्र: विशाखा (सुबह 7:21 बजे तक)
  • योग: आयुष्मान (शाम 5:59 बजे तक)
  • चंद्र राशि: मकर

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 6:32 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 5:48 बजे

पंचांग का महत्व

पंचांग के पांच प्रमुख अंग—तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण—जीवन को संतुलन और दिशा प्रदान करते हैं। धार्मिक कार्यों से लेकर दैनिक निर्णयों तक, पंचांग व्यक्ति को सही समय का चुनाव करने में मदद करता है और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है।