Papmochini Ekadashi 2026: जाने किस दिन हैं पापमोचनी एकादशी, और क्या हैं इसको करने के नियम
- byShiv
- 13 Mar, 2026
इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व हैं, हर महीने में दो एकादशी आती हैं, ऐसे में हर माह में आने वाली दोनों एकादशियों को भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इन सभी एकादशियों में पापमोचनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साल 2026 में पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च, रविवार को रखा जाएगा।
पापमोचनी एकादशी व्रत के नियम
सात्विक आहार अपनाएं
एकादशी से एक दिन पहले यानी दशमी तिथि से ही सात्विक भोजन करना चाहिए, तामसिक भोजन, मांसाहार और नशे से दूर रहना चाहिए।
ब्रह्मचर्य का पालन करें
व्रत के दौरान मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
भगवान विष्णु की पूजा करें
एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। उन्हें तुलसी दल, पीले फूल और फल अर्पित करें।
झूठ और क्रोध से बचें
व्रत के दौरान झूठ बोलने, क्रोध करने और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए।
दान-पुण्य करें
इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
2026 में पापमोचनी एकादशी असल में कब है?
आपको बता दें कि चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च, 2026 को सुबह 8.10 बजे शुरू होगी और 15 मार्च को सुबह 9.16 बजे खत्म होगी। परंपरा के अनुसार, आपको उस दिन व्रत रखना चाहिए जब एकादशी तिथि (जिसे उदयातिथि कहते हैं) में सूरज उगता है। इसका मतलब है कि मुख्य व्रत रविवार, 15 मार्च, 2026 को है।
pc- parbhat khabar





