Rajasthan: डोटासरा ने गहतोत को दिखाए तेवर, डोटासरा गहलोत के बीच वर्चस्व नई जंग शुरू
- byShiv
- 31 Jul, 2026
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान की राजनीति में और वो की कांग्रेस पार्टी में एक नई सियासी कलह सामने आई है। अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के तेवर बदल गए है। ये कलह कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई की हैं लेकिन अब ये सबके सामने है। इस बार ये लड़ाई सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच वर्चस्व की नहीं, बल्कि गोविंद सिंह डोटासरा बनाम अशोक गहलोत दिख रही है। डोटासरा जिन्हें अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है, उनके बयानों से दोनों नेताओं के बीच बढ़ती दूरी सामने नजर आ रही है। राजनीतिक विशेषज्ञ ये बात कहते हैं कि डोटासरा अब गहलोत की छत्रछाया से बाहर निकलकर आगे बढ़ना चाहते हैं और उनके बयानों ने साफ भी कर दिया है।
अशोक गहलोत के समर्थन में लगे नारे
दरअसल, गुरुवार को 309 बीएपी कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सिविल लाइंस घर पर पहुंचे। ये सभी कार्यकर्ता पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के साथ पहुंचे थे। अशोक गहलोत ने इस दौरान सभी से मुलाकात की, तो पूरे हॉल में चौथी बार गहलोत सरकार, हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो अशोक गहलोत जैसा हो के नारे लगे। इसके बाद सभी कार्यकर्ता पीसीसी जयपुर पहुंचे तो वहां भी ऐसे ही नारे लगे। महेंद्रजीत सिंह मालवीया भाषण दे रहे थे, इसी बीच डोटासरा ने माइक उनके हाथ से लेकर बोला कि मुख्यमंत्री वाला नारा कोई नहीं लगाएगा, किसी के व्यक्तिगत नाम का नारा मत लगाओ।
महेंद्रजीत सिंह को डोटासरा की नसीहत
वहीं, इसके बाद जब डोटासरा से ये सवाल पूछा गया कि मालवीया जी पहले गहलोत के यहां गए तो वे बोले कि कोई किसी के पास जाए मुझे फर्क नहीं पड़ता। मैं तो कांग्रेस के कार्यकर्ता का स्वागत करता हूं, ये तो मालवीय को सोचना चाहिए कि इनको क्या करना है, क्या नहीं करना। कोई व्यक्ति अपनी ब्रांडिंग के लिए काम करता है वो उनको मुबारक हो, मैं किसी की ब्रांडिंग के लिए काम नहीं करता, मैं तो सिर्फ कांग्रेस के लिए काम करता हूं।
नई चर्चा हुई शुरू
ये बयानबाजी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है, सोशल मीडिया पर भी डोटासरा का बयान वायरल हो रहा है। अब हर जगह इस बात की चर्चा है कि क्या कांग्रेस में एक नई वर्चस्व की लड़ाई जन्म ले रही है, गहलोत के करीबी डोटासरा क्या अब उनसे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
pc- ndtv raj






