राजस्थान में पुलिस कस्टडी में मौतों के लगातार मामले सामने आना लचर कानून व्यवस्था का प्रमाण: Rajendra Rathore

 | 
Rajendra Rathore

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड ने नागौर के कुचामन में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में बताया है। 

राजेन्द्र राठौड़ ने इस संबंध में ट्वीट किया कि राजस्थान में पुलिस कस्टडी में मौतों के लगातार मामले सामने आना लचर कानून व्यवस्था का प्रमाण है। 15 दिन पूर्व लोहावट (जोधपुर) में पुलिस कस्टडी में राजू नायक की मौत के बाद अब नागौर के कुचामन में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है।

राजस्थान में बाड़मेर, पाली, जयपुर, सवाईमाधोपुर और टोंक सहित कई जिलों में पुलिस हिरासत में मौत के मामले सामने आये हैं जो राज्य की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान है। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होती है लेकिन पुलिस खुद ही कानून का उल्लंघन कर रही है जो शर्मनाक है।

राजस्थान की लचर कानून व्यवस्था की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। खुद पुलिस विभाग के मुखिया स्वीकार रहे हैं कि वर्ष 2020 की तुलना में वर्ष 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 17प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं राजस्थान में एससी/एसटी अत्याचारों व साइबर क्राइम में भी बढ़ोतरी हुई है।