Utility News : अशोक गहलोत सरकार ने बिना पट्टे वाले घरों के नियमन में दी काफी रियायतें, जानेंं

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जयपुर। प्रशासन शहरों के संग अभियान के अन्तर्गत आम लोगों को आवासीय भूमि के पट्टे देने के कार्य को समय पर पूरा किया जाना चाहिए। जयपुर। राजस्थान सरकार की ओर से बिना पट्टे वाले घरों के नियमन में काफी रियायतें दी गई हैं, ताकि 15 जुलाई से शुरू हो रहे वार्डवार शिविरों में ज्यादा से ज्यादा पट्टे दिए जा सके। पहली बार इस अभियान में पट्टा जारी करने के लिए पूर्व की दरों से लगभग 85 प्रतिशत तक छूट दी गई है। 


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरूवार को अपने आवास पर प्रशासन शहरों के संग अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए ये बात कही।  मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के अन्तर्गत राज्य सरकार ने कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमन किए जाने की कट ऑफ डेट को 1999 से बढ़ाकर दिसम्बर, 2021 किया गया है। कट ऑफ डेट तक विकसित कॉलोनीयों को 70:30 अनुपात में रखकर ले-आउट प्लान स्वीकृत किया जा सकेगा।

जिन कॉलोनियों में न्यूनतम 60 प्रतिशत भू-खण्डों पर निर्माण होकर लोग बस चुके हैं, वहां पर सडक़ की चौड़ाई न्यूनतम 20 फीट सुनिश्चित करते हुए सर्वे के आधार पर पट्टे दिए जा सकेंगे। साथ ही, कच्ची बस्तियों के भी पट्टों की कट ऑफ डेट 2009 से बढ़ाकर दिसम्बर, 2021 कर दी है, ताकि लोगों को पट्टा मिल सके। जहां पहले कच्ची बस्ती में 10 वर्ष तक पट्टा बेचने पर पाबंदी थी, अब इसे घटाकर 3 वर्ष कर दिया गया है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों की घनी आबादी में बने हुए पुराने मकानों का 501 रूपए में पट्टा देने के लिए धारा 69-ए में काफी शिथिलताएं दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों के समय पर निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशासन शहरों के संग अभियान की वेबसाइट भी लॉन्च की। इस वेबसाइट पर अभियान से संबंधित विभिन्न आदेश, परिपत्र आदि उपलब्ध हैं, जिससे आमजन को एक जगह पर अभियान से संबंधित सारी जानकारी प्राप्त हो सकेगी।